द्रंग (मंडी)। आराध्य देव सूत्रधारी ब्रह्मा की पूजा-अर्चना से किसान मेला पधर का आगाज शुक्रवार को हुआ। मेले में अतिरिक्त जिला उपायुक्त राजीव कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। डलाह से मेला स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
इसमें 27 देवी-देवता शामिल हुए। एडीएम ने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने लोगों को किसान मेले के साथ-साथ हिमाचल दिवस की बधाई भी दी। कहा कि जिला स्तरीय किसान मेला हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर मनाया जाता है। यह क्षेत्र और ग्रामीणों के लिए गर्व की बात है। देवी-देवताओं के आगमन से उत्सवों में चार चांद लगते हैं।
इस दौरान स्कूली छात्र छात्राओं सहित विभिन्न महिला मंडलों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। मुख्य अतिथि ने मेले में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इससे पहले मेला कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम पधर संजीत सिंह ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश मोंगरा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गुप्ता, द्रंग के बीडीओ राकेश पटियाल, पंचायत समिति अध्यक्ष शीला ठाकुर, जिला परिषद सदस्य रविकांत, कविता चौहान, हेमंत कुमार, गोपाल सिंह, दलीप विष्ट, मीना ठाकुर, लाभ सिंह, एमसी चौहान आदि गण्यमान्य मौजूद रहे। संवाद
70 वर्ष पुराना है किसान मेले का इतिहास
पधर किसान मेले का इतिहास 70 वर्ष पुराना है। 15 अप्रैल 1951 को क्षेत्र के एक स्थानीय अध्यापक आईडी महंत द्वारा किसान मेला शुरू किया गया था। इसके बाद स्थानीय पंचायत के सहयोग से साल दर साल मेले को नया स्वरूप मिलता गया। सौभाग्य से अध्यापक आईडी महंत के पुत्र नागेश महंत स्थानीय पंचायत के प्रधान भी हैं। करीब दो दशक से स्थानीय देवी देवता मेले में शिरकत कर चार चांद लगाते हैं।