घरेलू, व्यवसायिक और होटलों में लगे सभी मीटरों की ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। विद्युत बोर्ड ने उपभोक्ताओं को 31 अक्तूबर तक ईकेवाईसी करवाने का फरमान जारी किया है। एसडीओ कार्यालय जंजैहली से जारी अधिसूचना के अनुसार विद्युत बोर्ड के घरेलू, व्यावसायिक और होटलों में लगे सभी मीटरों की ईकेवाईसी करवाना अनिवार्य है। ई-केवाईसी न करवाने वाले उपभोक्ताओं को बोर्ड की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं बंद होंगी और कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
प्रदेश में अभी 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.03 रुपये सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को 300 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत करने पर 5.22 रुपये का टैरिफ लगता है। सरकार ने अब अधिक बिजली खर्च करने पर दी जाने वाली 1.03 रुपये यूनिट सब्सिडी को खत्म करने का फैसला लिया है। इस तरह से अब 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर टैरिफ बढ़कर 6.25 रुपये हो जाएगा। यानी इस दर से अधिक बिजली खर्च करने पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिल थमाया जाएगा।
अब अगर उपभोक्ता महंगाई की मार से बचना चाहते हैं तो उन्हें बिजली की अधिक खपत पर नियंत्रण रखना होगा। महंगाई का यह झटका अक्तूबर से 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की जेब को लगेगा। यह इसलिए कि सुक्खू सरकार ने 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च होने पर सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। इस बारे में सरकार के आदेशों के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है। ऐसे में अब सरकार के फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च करने पर पहले के मुकाबले अब महंगी बिजली मिलेगी। सरकार की योजना ई-केवाईसी करवाने की है जिससे उपभोक्ताओं को आधार कार्ड से लिंक एक मीटर पर ही रियायत मिलेगी, जबकि अन्य मीटरों का बिल चुकाना होगा।
उधर, बिजली बोर्ड जंजैहली उपमंडल के सहायक अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी बिजली मीटरों को आधार नंबर से जोड़ा जा रहा है। ई-केवाईसी करवाने के लिए उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, राशन कार्ड और बिजली का बिल साथ रखना होगा। आधार कार्ड मोबाइल से लिंक होना चाहिए ताकि ओटीपी वेरिफिकेशन हो सके।