रसोई से गायब होने लगीं हरी सब्जियां, मटर का भी शतक, लहसुन 300 पार
ढाबों में खाना के साथ मुफ्त मिलने वाले सलाद की प्लेट भी हुई गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। नवरात्र में सब्जियों के दामों में भारी बढ़ोतरी होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। चार दिन में ही टमाटर 70 रुपये उछाल के साथ शतक लगाते हुए मंगलवार को 140 रुपये किलो तक पहुंच गया। लहसुन पहले ही तिहरा शतक लगाते हुए 300 से बढ़कर अब 350 पर पहुंच गया है। शिमला मिर्च और हरा मटर 150 में तो फ्रासबीन और फूल गोभी 80 रुपये पर पहुंच गई है।
बीते माह 30 रुपये किलो मिलने वाला खीरा भी बाजार में 60 रुपये पर पहुंच गया है। टमाटर, खीरा, प्याज के दाम बढ़ने से ढाबों में भी खाना के साथ मुफ्त मिलने वाले सलाद की प्लेट गायब हो गई है। भिंडी, बैंगन, पत्ता गोभी, गंडयाली 50 रुपये और अरबी 60 रुपये किलो पर पहुंच गई है। नवरात्र से पहले तक जिन सब्जियों की कीमत 30 रुपये तक थी वह अब 60 रुपये और उससे ऊपर तक पहुंच चुका है।
स्थानीय वासी अंजू चंदेल, मधु ठाकुर, सुनीता देवी, रक्षा चौधरी व विवेक कुमार का कहना है कि गांव से शहर तक सभी जगहों पर लोगों को सब्जी की महंगाई से सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर लोग एक किलो या आधा किलो सब्जी लेते थे, वे अब पाव भर पर आ गए हैं। कई ग्राहक तो सब्जी की कीमत सुनकर ही दुकान छोड़कर आगे बढ़ जा रहे हैं। सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर ग्राहक एक ही बात दोहराते हैं कि अचानक सब्जी की कीमत बढ़ने का माजरा समझ में नहीं आ रहा है। नवरात्र का समापन 12 अक्तूबर को हो जाएगा। इसके बाद सब्जी की कीमतों में गिरावट आती है या दाम और बढ़ेंगे यह तो उस वक्त ही पता चलेगा।
नवरात्र में कई लोग प्याज, लहसुन और टमाटर नहीं खाते हैं, लेकिन फिर भी इसकी कीमत 4-60 से बढ़कर 140 रुपये तक पहुंच चुकी है। गृहिणियों का कहना है कि कुछ दिन सोयाबड़ी, माह की लोकल बड़ी, काबुली चना, चना दाल व मसूर, मूंग सहित अन्य दाल खाकर ही काम चलाना होगा।
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बंगलुरू से आ रहा टमाटर
मंडी जिले में बंगलुरू से टमाटर आ रहा है। मांग अधिक व सप्लाई कम होना भी दाम बढ़ने के पीछे एक कारण है। स्थानीय स्तर पर टमाटर व अन्य सब्जियों नहीं हैं। ऐसे में यह बाहरी राज्यों से ही सप्लाई हो रही है। सप्लाई बढ़ने पर दाम गिरेंगे।
-विवेक चंदेल, सचिव, एपीएमसी मंडी