किसानों को प्रमाणपत्र देते कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर के प्रभारी डॉ. पंकज सूद।
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सुंदरनगर (मंडी)। कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर ने सतलुज जल विद्युत निगम के सौजन्य से प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। शिविर में सराज, धर्मपुर, गोहर, सदर, बल्ह और सुंदरनगर विकास खंडों के किसानों ने भाग लिया। इन्हें एकीकृत कृषि प्रणाली की जानकारी दी।
नाबार्ड हिमाचल प्रदेश के सीजीएम दिनेश रैना, डीजीएम नाबार्ड इंद्रजीत और डीडीएम डॉ. सोहन प्रेमी के साथ शिविर में किसानों से परिचर्चा की। किसानों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण सेे अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक तौर पर अपनाएं। दूसरे किसानों को भी इसकी जानकारी दें। कृषि में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और इनका प्रचार-प्रसार करें। कार्यक्रम समन्वयक एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पंकज सूद ने कहा कि जनसंख्या में निरंतर बढ़ोतरी से जमीन, जल, श्रम और कृषि जोत में कमी आ रही है। जलवायु परिवर्तन से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
प्रचलित खेती करने से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि कम मुनाफे का व्यवसाय साबित हो रही है। किसान अपनी प्रचलित कृषि प्रणाली में कृषि और इससे संबंधित अन्य उद्यमों को इस प्रकार शामिल करें ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रयोग करके प्रति इकाई अधिक लाभ अर्जित किया जा सके। केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ. डीएस यादव, डॉ. कविता शर्मा, डॉ. शकुंतला राही, डॉ. एलके शर्मा, डॉ. कल्पना आर्य ने किसानों को कृषि संबंधित विभिन्न उद्यमों के बारे में बताया।
पशुपालन विभाग से डॉ. विपिन कुमार, कृषि विभाग से डॉ. खूब राम, उद्यान विभाग से डॉ. रीतू शर्मा ने उनके विभागों की योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर शिविर में भाग लेने वाले किसानों को प्रमाणपत्र और कृषि साहित्य भी वितरित किया गया।
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