वन अधिकार समितियों के पदाधिकारी बोले-मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी में वन अधिकार कानून 2006 के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित जागरूकता शिविर विवादों में गिर गया। 12 पंचायतों के लोगों को वन अधिकार नियम बताने पहुंचीं कार्यवाहक एसडीएम विवाद बढ़ने पर बीच में ही बैठक छोड़ चली गईं।
वन अधिकार समितियों के सदस्यों ने आरोप लगाया कि वे 11 बजे अधिकार जानने के लिए यहां पहुंचे थे, लेकिन पूरी जानकारी दिए बिना ही कार्यवाहक उपमंडल अधिकारी बालीचौकी शिविर छोड़ कर समिति हॉल से बाहर निकल गईं। ग्राम पंचायत सुधराणी के उपप्रधान एवं पूर्व डीएलसी सदस्य संत राम ने बताया कि परिचर्चा के दौरान जब उन्हें लगा कि अधिकारी कानून की सही जानकारी नहीं दे पा रही हैं और बिना तैयारी के ही कानून की गलत व्याख्या कर रही हैं तो उन्होंने उनके वक्तव्य को रिकाॅर्ड करने की बात की। इस पर कार्यवाहक एसडीएम ने आपत्ति जताई और समिति हॉल छोड़कर चली गई। संतराम ने कहा कि जागरूकता शिविर का समय 11 बजे निर्धारित किया था, अधिकारी लगभग 12 बजे के आसपास समिति हॉल में पंहुचीं, जबकि दूरदराज से आए वन अधिकार समितियों के सदस्य 11 बजे से पूर्व ही पहुंच गए थे। कुछ लोग 40 से 50 किलोमीटर दूर से आए थे। अधिकारी की लेटलतीफी और मनमर्जी के चलते उक्त जागरूकता शिविर अधूरा ही समाप्त हो गया।
लोगों ने कहा कि वह इस विषय पर शीघ्र वन मंत्री और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र लिखेंगे, ताकि कोई भी अधिकारी वन अधिकार कानून को लेकर लापरवाही एवं अपनी मनमर्जी से कानून की व्याख्या न कर सके। शिविर में हिस्सा ले रहे पूर्व जिला परिषद सदस्य दिले राम, वन अधिकार समिति के सदस्य सदस्य बुधि सिंह, चेत राम, दुले सिंह और रामलाल सहित लोगों ने भी इस अधिकारी के इस रवैये पर रोष जाहिर किया । उनका कहना है कि वन अधिकार कानून की गलत व्याख्या करना कानूनी अपराध है और इस अधिकारी के खिलाफ सरकार से वन अधिकार कानून के तहत कार्यवाही की मांग की है।
कोट्स
शिविर में जब वह वन अधिकार नियम के बारे में बता रही थीं तब एक व्यक्ति ने शिविर में अभद्रता करने की कोशिश की और मेरे वक्तव्य को रिकॉर्ड करने की धमकी दी। इस कारण उन्हें मजबूरन शिविर छोड़कर जाना पड़ा।-निधि सकलानी, कार्यवाहक एसडीएम
वन मंत्री ने भी लगाई थी एसडीएम की क्लास
बता दें कि वन अधिकार अधिनियम को लेकर बीते माह मंडी में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया था। कार्यशाला में राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी मंडी पहुंचे थे। कार्यशाला में छह जिलों के उपायुक्त और एसडीएम स्तर के अधिकारी बुलाए थे। तब मंत्री ने कुछ एसडीएम की नियमों के बारे में ज्यादा ज्ञान न होने पर मौके पर क्लास लगाई थी।