विश्वकर्मा मंदिर चौक पर आवाजाही हुई रिस्की
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के थनेहड़ा वार्ड में दरक रही पहाड़ी के नीचे विश्वकर्मा मंदिर चौक पर नौ माह बाद भी सुरक्षा दीवार नहीं लग पाई है। हालांकि लोक निर्माण विभाग की ओर से सुरक्षा दीवार लगाने के लिए जिला प्रशासन को दूसरी बार एस्टीमेट भेजा है, लेकिन स्वीकृति न मिलने के चलते और शिवरात्रि महोत्सव को देखते हुए विभाग ने असुरक्षित स्थान पर सीमेंट से बने अस्थायी पैरापिट से रोक लगा दी है जिससे पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबे को रोका जा सके।
पहाड़ी दरकने के डेढ़ माह बाद प्रशासन ने पहाड़ी के नीचे बिना सुरक्षा दीवार लगाए मलबे को हटाकर सड़क को बहाल कर दिया था। थनेहड़ा वार्ड के लोगों की आवाजाही के लिए अस्थायी रास्ते का निर्माण भी किया, लेकिन यदि दोबारा बारिश होती है तो सड़क पर रखे पैरापिट मलबे को रोकने के लिए कारगर साबित नहीं होंगे। स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार, देवराज, राजवीर सिंह, बीरबल, कश्मीर सिंह, अशोक राणा, नागरिक सभा के नीरज हांडा, अनिल शर्मा आदि कहना है कि शिवरात्रि महोत्सव को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने भूस्खलन वाले स्थान पर सीमेंट के अस्थायी पैरापिट तो लगा दिए हैं, लेकिन यदि दोबारा बारिश होती है तो पहाड़ी के ऊपर रुके मकान और अस्थायी रास्ता सड़क पर गिर सकता हैं। विभाग और प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र इस स्थान पर सुरक्षा दीवार लगाई जाए। गौरतलब है कि बीते वर्ष जुलाई-अगस्त में हुई भारी बारिश से भूस्खलन होने व पहाड़ी दरकने से मलबा विश्वकर्मा चौक पर फैल गया था। इससे रास्ते के साथ बने करीब 15 मकानों में दरारें आ गई थीं, लेकिन अभी तक यहां स्थायी तौर पर कुछ नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग मंडल दो के अधिशासी अभियंता डीके वर्मा ने कहा कि विभाग की ओर से जिला प्रशासन को दोबारा सुरक्षा दीवार के लिए एस्टीमेट भेजा है। प्रशासन की ओर से इसके बारे में सोमवार तक बैठक बुलाई गई है। इसमें शिमला से भी विभाग के उच्चाधिकारी भाग लेंगे। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।