15 प्रतिशत डीए, मेडिकल बिलों के भुगतान और ओपीएस बहाली को लेकर खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर महासंघ ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ उग्र रुख अपना लिया है। मंगलवार को जोगिंद्रनगर में आयोजित महासंघ की बैठक में पेंशनरों ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे प्रदेश स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल और बड़े धरने प्रदर्शन के लिए लामबद्ध होंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पेंशनर महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि लंबित एरियर का भुगतान न होना अत्यंत चिंताजनक है। इसके अलावा ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और चिकित्सा बिलों के भुगतान में हो रही देरी के कारण बुजुर्ग पेंशनरों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
महासंघ के सचिव नोता राम ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए (महंगाई भत्ता) मिल रहा है। जबकि हिमाचल के कर्मचारियों को केवल 45 प्रतिशत ही मिल रहा है। लंबित 15 प्रतिशत डीए की किस्त न मिलने से राज्य के 30 हजार पेंशनरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बैठक में पेंशनर विश्न दास बहल और शेर सिंह ने बताया कि विद्युत बोर्ड में तैनात लगभग 6700 कर्मचारियों को अभी तक ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) का लाभ नहीं दिया गया है। साथ ही, 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को नए वेतनमान के तहत वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं।