गुलाल थोक भाव में 120 से 150 तो बाजार में बिक रहा 150 से 250 रुपये किलो
संवाद न्यूज एजेेंसी
मंडी। छोटी काशी मंडी में होली पर्व मनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सेरी मंच पर होली आयोजन को लेकर उपजे विवाद को जिला प्रशासन व होली आयोजकों की आपसी सहमति के बाद सुलझा लिया गया है। शहरभर में होली के रंगों, गुलाब, पिचकारियों व विभिन्न तरह के साज सजावट के सामान की दुकानें सज गई हैं। पहली बार बाजार में उतारी गई इलेक्ट्रिक वाटर गन और वाटर टैंक लोगों के लिए पहली पसंद बने हैं। जबकि थोक दुकानों पर गुलाल 120 से 150 रुपये और बाजार में 150 से 250 रुपये तक बेचा जा रहा है।
लोग अपनी पसंद के रंग, बच्चों के लिए पिचकारी व वाटर कलर की खरीदारी में जुट गए हैं। होली मनाने वाले महंगाई को दरकिनार कर रंगों की खरीदारी में जुटे हैं। बच्चों की पहली पसंद बनी फेंसी व टैंक पिचकारी 30 रुपये से शुरू होकर 600 रुपये तक बेची जा रही है। पिछली बार बाजार में उतारे गए अग्निशामक की तर्ज पर रंग से भरे सिलिंडर की बाजार में मांग बढ़ी है।
शनिवार को मंडी शहर के गांधी चौक, चौहटा व सेरी बाजार, इंदिरा मार्केट परिसर सहित पड्डल, स्कूल बाजार, जेल रोड़, मंगवाई सहित अन्य बाजारों में होली के रंगों की दुकानें सजाई गईं। ग्रामीण परिवेश से आए लोगों ने परिवार व बच्चों के लिए रंगों व पिचकारी की खूब खरीदारी की।
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ग्राहकों को एक किलो गुलाल सौ रुपये से डेढ़ सौ तक बेच रहे हैं। जबकि विभिन्न तरह की पिचकारी 10 रुपये से 1200 रुपये तक दे रहे हें। इस बार बाजार में उतारी गई इलेक्ट्रिक वाटर गन का अच्छा रिस्पांस है। -मनदीप सिंह उर्फ रिक्की, थोक कारोबारी गांधी चौक मंडी।
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होली पर्व के लिए हर बार मंडी से दुकान के लिए सामान ले जाता हूं। शहरों की देखा देखी गांवों में भी होली पर खूब गुलाल उड़ता है। रंग और पिचकारी की खूब खरीदारी होती है। -हेमराज, कारोबारी कटौला मंडी