प्रथम संस्था के सहयोग से शुरू किए गए उड़ान अभियान की मॉनिटरिंग प्रशासनिक अधिकारी समेत अन्य कर रहे हैं। अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सकारात्मक रिपोर्ट मिली है।
जिला के 80 फीसदी स्कूलों में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिखने और पढ़ने के स्तर में सुधार हुआ है, लेकिन 20 फीसदी स्कूलों में अभियान के तहत प्रोग्रेस नहीं हुई है। जिस पर इन्हें रेड जोन में रखा गया है। रेड जोन वाले स्कूलों में उड़ान अभियान के तहत दिक्कत होने संबंधी जायजा लिया जाएगा।
इस बारे में डीसी मंडी से बीईईओ, बीआरसी, एसडीएम और अन्य अधिकारी को स्कूल में भेजकर पेश आ रही दिक्कत का पता लगाने का आग्रह किया जाएगा। ताकि इन स्कूलों के बच्चों का भी स्तर बढ़ सके।
इधर, डाइट मंडी के कार्यकारी प्रधानाचार्य तिलक राज शर्मा ने बताया कि उड़ान अभियान के तहत हो रही प्राग्रेस के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन जोन में स्कूल रखे गए हैं। रेड जोन वाले स्कूलों की सूची डीसी मंडी को सौंपी जाएगी। अधिकतर स्कूलों में अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
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एसडीएम की रिपोर्ट में परिणाम सकारात्मक
डीसी मंडी के निर्देशानुसार उड़ान अभियान का निरीक्षण एसडीएम कर रहे हैं। इस दौरान निरीक्षण रिपोर्ट में अभियान के परिणाम सकारात्मक सामने आ रहे हैं। एसडीएम स्कूलों में जाकर बच्चों से बातचीत कर जायजा ले रहे हैं और फीडबैक रिपोर्ट डीसी मंडी समेत डाइट को प्रेषित कर रहे हैं। हालांकि रेड जोन के कुछ स्कूलों में अभियान के तहत दिक्कत पेश आ रही है।
ग्रीन जोन में बेहतरीन परफॉरमेंस वाले स्कूल
मॉनिटरिंग के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। जबकि मध्यम स्तर का प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को येलो जोन और निम्न स्तर का प्रदर्शन करने वालों को रेड जोन में रखा गया है। येलो जोन वाले स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है।