जोगिंद्रनगर अस्पताल से बिना टेस्ट लौटे मरीज, बिजली और पानी से प्रभावित रहे 1500 उपभोक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर(मंडी)। विद्युत ट्रांसफार्मर के जंपर में अचानक ब्लास्ट हो जाने से आधी रात जोगिंद्रनगर अस्पताल ओर आपपास के रिहायशी इलाकों की बिजली करीब आठ घंटे बाधित रही। ब्लैकआउट से शहरी क्षेत्र के करीब 1500 विद्युत उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
उपमंडलीय अस्पताल के रोगी वार्डों में दाखिल मरीजों को प्राथमिक उपचार दिलाने के लिए स्टाफ ओर वार्ड सिस्टर अंधेरे में भटकते रहे। मरीजों के टेस्ट भी समय पर नहीं हो पाए। डिजिटल एक्स-रे सेवाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हुईं। सोमवार आधी रात को शहरी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के समीप 220 किलोवाट के ट्रांसफार्मर में अचानक हुए ब्लास्ट से अस्पताल, पुलिस थाना और आदर्श कन्या पाठशाला के साथ लगते शहरी क्षेत्र करीब आठ घंटे ब्लैकआउट की चपेट में आ गया है। देर रात करीब दो बजे अचानक बिजली संकट गहरा जाने से वार्षिक परीक्षा की पढ़ाई के विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं पर बुरा असर पड़ता रहा। सरकार द्वारा अधिकृत निजी प्रयोगशाला में रोगी वार्डों के दाखिल मरीजों के सैंपल नहीं हो पाये। मंगलवार को सुबह दस बजे तक अस्पताल में बिजली गुल हो जाने से डिजिटल एक्स-रे सेवाएं भी प्रभावित हुई।
इस बारे में बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता रमेश सकलानी ने बताया कि विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक हुए ब्लास्ट से शहरी क्षेत्र में अस्पताल और साथ लगते रिहायशी इलाके में बिजली गुल हो गई थी। लो वोल्टेज की समस्या भी पेश आई। सोमवार आधी रात को पेश आये फाल्ट को मंगलवार सुबह दस बजे दुरुस्त कर दिया गया था।