टिहरा (मंडी)। जिला मंडी के दो संस्कृत शिक्षक कर्नाटक के उडुपी (कर्नाटक) में शोध पत्र पढ़ेंगे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली एवं भारतीय विद्वत परिषद बंगलुरू के संयुक्त तत्वावधान में अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन के 51वें सत्र का आयोजन उडुपी में 24 से 26 अक्तूबर तक किया जा रहा है। इसमें प्राच्यविद्या की 21 विधाओं में देश-विदेश के विद्वान लगभग तीन हजार शोध-पत्र पढ़ेंगे।
जिला मंडी के राजकीय उच्च पाठशाला बिजन-ढलवान के संस्कृत शिक्षक डॉ. मनोज कुमार शैल और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिस्सा के संस्कृत प्रवक्ता डॉ. पद्मनाभ शर्मा के शोध-पत्रों का चयन भी इस सम्मेलन के लिए हुआ है। डॉ. मनोज शैल हिमाचल प्रदेश में संस्कृत शिक्षकों द्वारा संस्कृत के प्रचार-प्रसार में किए जा रहे अभिनव प्रयासों पर शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।
हिमाचल के संस्कृत शिक्षकों द्वारा संस्कृत पत्रकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य, विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना सभा एवं संस्कृत की विविध गतिविधियों पर प्रदेश के संस्कृत शिक्षकों की तरफ से डॉ. मनोज कुमार शैल प्रतिनिधित्व करेंगे। डॉ. पद्मनाभ शर्मा उत्तरसीताचरित महाकाव्य की संस्कृत स्रोत कथाओं से तुलनात्मक समीक्षा विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।
डॉ. मनोज ने कहा कि इस अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में भाग लेना ही गौरव का विषय है। बता दें कि डॉ. मनोज शैल के अब तक 12 शोध-पत्र यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वह पांच राष्ट्रीय एवं 10 राज्य स्तरीय सम्मेलनों में भाग ले चुके हैं। उनकी एक पुस्तक ‘श्रीमद्भागवतदशमस्कन्ध : एक अनुशीलन’ परिमल पब्लिकेशन दिल्ली से भी प्रकाशित हो चुकी है।