मंडी। हिम आंचल पेंशनर्स संघ मंडी जिला इकाई की बैठक प्रधान बली राम ठाकुर की अध्यक्षता में स्यांज में हुई। बैठक में पेंशनरों की लंबित मांगों और समस्याओं पर मंथन किया गया। पेंशनरों की आर्थिक मांगों को लंबे अरसे से लटकाने और भुगतान करने में टालमटोल करने पर पेंशनरों ने सरकार को आड़े हाथ लिया।
संघ ने सचिवालय अधिकारी/कर्मचारी यूनियन को पूरा समर्थन देने की घोषणा की। पेंशन संशोधन के परिणामस्वरूप 1 जनवरी 2016 से पेंशन बढ़ोतरी का बकाया, संशोधित ग्रैच्युटी, लीव-एनकैशमेंट, महंगाई भत्ता की जारी किस्त का 21 महीने का बकाया और 1 जनवरी 2023 से महंगाई भत्ता की देय तीन किस्तें जैसी लंबित मांगों पर चर्चा की गई।
प्रदेशाध्यक्ष योग राज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की 15 अगस्त की घोषणा पेंशनरों के प्रति सरकार की उदासीनता दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशनरों को जुलाई 2024 तक महंगाई भत्ते की चार किस्तें देय हो चुकी हैं। सरकार की टालमटोल से पेंशनरों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, हमीरपुर जिला प्रधान केसी गौतम ने बताया कि दिसंबर 2023 तक 1376 और 2024 में प्राप्त लगभग 16 हजार मामले अभी भी लंबित हैं। इन मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए 12 पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है।
प्रदेशाध्यक्ष योग राज शर्मा और महासचिव हरनाम सिंह ठाकुर ने बताया कि पेंशनरों के लंबित आर्थिक लाभों का एकमुश्त भुगतान और कम्युनिकेशन की 11 साल पुरानी वसूली पर रोक लगाने के लिए 7 अगस्त को मुख्य सचिव को रिमाइंडर जारी किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो सितंबर-अक्टूबर में प्रदेश इकाई की बैठक बुलाकर आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।
बैठक में रणजीत सिंह, महाल चंद चौहान, मंगत राम चौधरी, मदन लाल चौहान, ज्ञान सिंह ठाकुर, देव राज पटियाल, दमयंती ठाकुर, धर्म चंद ठाकुर, तिलक राज सोनी, किशोरी लाल मल्होत्रा, बेसर राम और अन्य सदस्य मौजूद रहे।