दो साल पहले प्राकृतिक आपदा में घर उजड़ने से बेघर हुए थे 23 परिवार
सरकार ने प्रभावितों को घर बनाने के लिए दी है सात-सात लाख की मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। दो वर्ष पूर्व बरसात के मौसम में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों की जिंदगी फिर से पटरी पर लौटने लगी है। जोगिंद्रनगर में 23 प्रभावितों ने दोबारा आशियाने बना लिए हैं। हर प्रभावित परिवार को मकान पुनर्निर्माण के लिए सरकार ने सात-सात लाख रुपये की विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की है।
गुम्मा पंचायत के गांव जगलोण के विनोद का कहना है कि आपदा में हमारा सब कुछ चला गया था। पूरा घर भूस्खलन के कारण दब गया था। सरकार ने जो सात लाख रुपये की मदद दी, उससे हम दोबारा घर बनाने में सक्षम हुए हैं। महिला, भूतड़ी देवी का कहना है कि भारी बारिश से उनका पूरा मकान गिर गया था, जिसके चलते हमें तिरपाल लगाकर रहना पड़ा, लेकिन अब नया घर बनाया। गुम्मा क्षेत्र की नारदा देवी ने बताया कि दो साल पहले हुई तबाही ने उनका आशियाना छीन लिया था। कुछ दिन वे लोगों के घरों में रुकने को मजबूर हुए। प्रदेश सरकार की ओर से गृह निर्माण के लिए की गई मदद को वे ताउम्र नहीं भुला पाएंगी।
आपदा प्रभावितों को अक्टूबर, 2023 में पहले चरण में तीन लाख रुपये, दूसरे चरण में अगस्त, 2024 में 2.50 लाख रुपये की दूसरी किस्त विशेष आपदा राहत पैकेज और 1.30 लाख रुपये आपदा राहत कोष से मिली। अंतिम चरण में 20- 20 हजार रुपये की राशि लाभार्थियों को दी जा रही है। जोगिंद्रनगर के उप मंडलाधिकारी (ना.) मनीश चौधरी ने बताया कि अब तक उपमंडल में 23 घरों के लिए लगभग 154 लाख रुपये की राशि सरकार की तरफ से प्रभावित परिवारों को दी जा चुकी है। जिन प्रभावितों का गृह निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है, उन्हें भी नियमानुसार देय राशि का भुगतान किया जा रहा है।