मंडी। जिले के सबसे बड़े अस्पताल मंडी में स्वास्थ्य चेकअप करवाने आई एक महिला मरीज की सरकारी और निजी लैब की अलग-अलग टेस्ट रिपोर्ट से परिजन हैरान रह गए। एसआरएल की रिपोर्ट में मरीज में हार्ट की बीमारी पाई गई। लेकिन, निजी क्लीनिक की लैब में टेस्ट करवाने पर रिपोर्ट में मरीज में कोई हार्ट की बीमारी नहीं पाई है।
जोनल अस्पताल मंडी के महिला वार्ड में दाखिल मरीज रोशनी वैद्य के बेटे पवन वैद्य ने लिखित में अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की है कि उसकी माता को वीरवार शाम को पेट में दर्द हुआ। जिसके कारण वह अपनी माता को मंडी अस्पताल ले आए। डाक्टरों में मरीज को दाखिल करने के निर्देश दिए। शाम के चार बजे उन्होंने अपनी माता को दाखिल किया और डाक्टर ने मरीज का ट्रॉप-आई (हार्ट से संबंधित बीमारी का टेस्ट) करवाने को लिखा। उन्होंने उसी समय अपनी माता का टेस्ट जोनल अस्पताल में स्थापित एसआरएल लैब में करवाया। टेस्ट रिपोर्ट शाम को छह बजे आई। जब उन्होंने रिपोर्ट डाक्टर को दिखाई तो डाक्टर ने कहा कि इस रिपोर्ट के मुताबिक मरीज को हार्ट की बीमारी है।
उसके बाद डाक्टर ने मरीज के बेटे को शहर के एक निजी क्लीनिक में वही टेस्ट करवाने को कहा। लेकिन निजी क्लीनिक की रिपोर्ट में मरीज की स्थिति सामान्य पाई गई। जिस पर परिजन भी सोचने पर मजबूर हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग उठाई है कि अगर अस्पताल के अंदर स्थापित लैब की गलत रिपोर्ट आती रही तो इससे मरीज की जिंदगी पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट से कोई अनहोनी घटना हो सकती है जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देशराज शर्मा ने कहा कि मरीज के परिजनों की शिकायत आई है। मामले की जांच की जाएगी।