मंडी कुल्लू फोरलेन पर पंडोह के निकट बाधित सड़क को बहाल करती जेसीबी। स्त्रोत जागरूक पाठक
मंडी। जिला मंडी में शनिवार रात से हो रही बारिश ने फिर से दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। यातायात, बिजली और पेयजल योजनाओं के ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश से नौ मुख्य सड़कों मंडी-कुल्लू वाया कटौला-कमांद, जोगिंद्रनगर-सरकाघाट वाया बसाही-धर्मपुर सहित 245 सड़कें बाधित रहीं। शनिवार को 160 सड़कें बाधित थीं। रविवार को 85 नई सड़कें बाधित हुईं। वहीं, विद्युत बोर्ड के भी रविवार को 407 ट्रांसफार्मर प्रभावित हो गए। अब कुल आंकड़ा 477 पहुंच गया है। जिले में 36 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
धर्मपुर मंडल में 62 सड़कें और चार पेयजल योजनाएं, सराज में 65 सड़कें, मंडी-2 में नौ सड़कें, 450 ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं, थलोट में 55 सड़कें, दो ट्रांसफार्मर, करसोग में 20 सड़कें और 10 पेयजल योजनाएं, जोगिंद्रनगर में पांच सड़कें, पधर में 18 सड़कें, गोहर में दो सड़कें और 24 ट्रांसफार्मर, सुंदरनगर में एक सड़क, सरकाघाट में आठ सड़कें, थुनाग में 16 और बग्गी में एक पेयजल योजना प्रभावित हो गई है।
रविवार को सड़कों के बाधित होने से यातायात व्यवस्था भी ठप रही। खराब मौसम को देखते हुए मंडी से मनाली जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की वोल्वोे बसें मंडी शहर से सटे बिंद्रावणी टनल के पास खड़ी कर दी हैं। जिले में पिछले 24 घंटों से हो रही बारिश के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को नदी और नालों से दूर रहने का आह्वान किया है।