मंडी। सावन माह के लिए छोटी काशी मंडी के मंदिर तैयार हैं। अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ मंदिर में भक्त जलाभिषेक कर सकेंगे। इसके लिए अपने साथ धोती व पेटीकोट के साथ ही गर्भगृह में प्रवेश करना होगा। इसके साथ कोरोना के नियमों का पालन करना होगा। मास्क न पहनने और सामाजिक दूरी न रखने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ सैनिटाइजेशन भी आवश्यक है। इस बार सावन मास में शुक्रवार 16 जुलाई से 14 अगस्त तक मंदिरों में रौनक जारी रहेगी। हालांकि इस बार विशाल भंडारे व धार्मिक कार्यक्रमों पर मंदिरों के पुजारियों व कमेटियों में संशय की स्थिति बनी हुई है।
बाबा भूतनाथ मंदिर के अलावा एकादश रुद्र मंदिर, महामृत्युंज्य मंदिर, नीलकंठ, कामेश्वर महादेव, तांब्रपति महादेव, रामेश्वर महादेव, लक्ष्मी नारायण मंदिर, पंचवक्त्र, त्रिलोकीनाथ व अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक की परंपरा जारी रहेगी। हालांकि पिछले वर्ष कोरोना के चलते मंदिर पूरी तरह बंद रखे गए थे, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं में मंदिरों में पूजा-अर्चना करने की उत्सुकता बनी हुई है।
पिछले वर्ष की मन्नत इस बार भी चढ़ाएंगे
शहर की अर्चना, कविता, बबीता, स्नेहलता, रोशनी, देवकी, राम लाल, रवि, नरोत्तम राम, हरी राम, निर्मला, बबली, मनसा, जानकी, हरीश, मान सिंह, अनिल व अन्य ने बताया कि पिछले वर्ष की मन्नत भी मंदिरों में इस बार चढ़ानी है। क्योंकि पिछली बार कोरोना की लहर के चलते मंदिरों के कपाट पूरी तरह बंद रखे गए थे और घरों से ही पूजा-पाठ किया। इस बार मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना करेंगे।
सावन के शुभारंभ पर श्रृंगार व पूजा-पाठ निरंतर जारी रहेगा। साथ ही श्रद्धालु मंदिर में रोज की तरह भगवान महामृत्युंज्य के दर्शन कर सकेंगे। खीर के भंडारे को लेकर अभी संशय की स्थिति बनी हुई है।
-पुजारी दीपक, महामृत्युंज्य मंदिर।
सावन मास के चलते बाबा भूतनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कतारों में आकर बाबा के दर्शन कर सकते हैं। इसके साथ जो भक्त जलाभिषेक करना चाहते हैं, वे अपने साथ धोती व पेटीकोट के साथ ही जलाभिषेक करें। इसके साथ मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी का पूरा पूरा ध्यान रखना होगा।
-पुजारी देवानंद सरस्वती, बाबा भूतनाथ मंदिर