थुनाग (मंडी)। अराध्य देवी हिडिंबा माता शुक्रवार को पारंपरिक विधि-विधान के साथ नवनिर्मित कोठी में विराजमान हो गईं। इस विशेष अवसर पर शैटीनाग भी मौजूद रहे, जिनके दिशानिर्देशों के अनुसार कोठी प्रतिष्ठा की पूरी प्रक्रिया अमल में लाई गई।
कोठी प्रतिष्ठा के अवसर पर धाम का आयोजन किया गया जिसमें लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाते हुए माता हिडिंबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
देवी के कारदार रोशन लाल ने बताया कि चिऊणी में हिडिंबा माता का स्वर्ण मुख वाला भव्य रथ है। यह रथ क्षेत्र के घाट और चेत गांव में स्थित देवी की दो कोठियों में बारी-बारी से विराजता है, जिससे श्रद्धालुओं को देवी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।