पूर्व सुकेत रियासत का प्राचीन परंपरागत देवता मेला सोमवार को देव श्री कमरुनाग व राज देवता श्री मूल मांहूनाग के पूजन के साथ विधिवत शुरू हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले देवता मेला में सुकेत व मंडी जनपद के करीब 150 देवी-देवता भाग ले रहे हैं। प्रदेश के मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर ने लोक निर्माण विश्राम गृह से निकली भव्य शोभायात्रा की अगुवाई कर सामुदायिक भवन में देवी-देवताओं का पूजन कर प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया।
मेले के शुभारंभ पर सभी देवी-देवताओं के रथ सामुदायिक भवन के प्रांगण में विराजमान हुए। इस मौके पर देवता मेला की शोभा बढ़ाने पहुंचे देव कमरुनाग, पूर्व सुकेत रियासत के आराध्य देव मूल मांहूनाग व देव बड़ा योगी सहित अन्य देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया गया।
जवाहर पार्क में अपने संबोधन में सोहन लाल ठाकुर ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति का आइना हैं। इस तरह के आयोजनों से आपसी भाईचारे की भावना पनपती है। सुंदरनगर का देवता मेला सुकेत रियासत की समृद्ध देव संस्कृति का परिचायक है तथा मेले से लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राचीन मंदिरों को सहजने तथा संरक्षित करने के लिए कृतसंकल्प है। इस वित्त वर्ष में मंदिरों के जीर्णोद्धार पर 14 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुकेत रियासत का पारंपरिक देवता मेला सैकड़ों सालों से मनाया जा रहा है। इस पवित्र भूमि को ऋषि सुखदेव की तपो स्थली से भी जाना जाता है। सोहन लाल ठाकुर ने मेले में आए देवी-देवताओं के नजराने में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की।
इस मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम सुंदरनगर राजीव कुमार ने मुख्यातिथि को मेला कमेटी की ओर से स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव संजू डोगरा, मेला अधिकारी एवं तहसीलदार वेदप्रकाश, राज्य दलित अल्पसंख्यक सोशल रिफार्म के अध्यक्ष समाजसेवी एजी शेख, नगर परिषद अध्यक्ष पूनम शर्मा, पार्षद अरुणा देवी, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया, लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुरेश कपूर, डीएसपी संजीव भाटिया, ब्रहमदास चौहान, हेमंत शर्मा, अजय शर्मा, सीएल अवस्थी, मोहित ठाकुर उपस्थित रहे। मेले के पहले ही दिन मेला स्थल पर देव दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।