मंडी। मंडी जिला में शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की गुणवत्ता युक्त शिक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। शिक्षा उपनिदेशक (गुणवत्ता) ने सभी कांप्लेक्स के मुखिया को माह में तीन बार कैंपस के स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
उपनिदेशक की अगुवाई में एक टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल सरकाघाट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय, खेल, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, स्पोर्ट्स सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि स्कूलों में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता, लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडी जिले में सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को क्लस्टर बनाया गया है। क्लस्टर के दायरे में आसपास की प्राइमरी, मिडल व उच्च पाठशालाओं को शामिल किया गया है। जिले में 2319 पाठशालाएं हैं। इसमें 278 मिडल, 154 उच्च, 1563 प्राइमरी स्कूल हैं। 324 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को क्लस्टर बनाया गया है। देखने में आया है कि कई स्कूलों में लैब उपकरणों का उचित रख रखाव नहीं है।
हर्बल गार्डन से लेकर अन्य कंपोनेंट के लिए जारी राशि को खर्च करने में भी कुछ स्कूल फिसड्डी हैं। बार बार चेतावनी के बाद भी स्कूल राशि को खर्च नहीं कर पा रहे हैं।
बरसात में आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त स्कूलों के भवन निर्माण के लिए पहले ही बजट जारी कर दिया है। हिमुडा समेत अन्य एजेंसियों को स्कूल भवनों का निर्माण कार्य सौंपा गया है। 29 स्कूलों के भवनों को प्रथम चरण में इसके लिए बजट जारी किया है। क्लस्टर प्रमुख को स्कूल भवनों के निर्माण कार्य की रिपोर्ट भी समय समय पर भेजनी होगी। संवाद