मंडी। केंद्र सरकार के बजट के विरोध में बुधवार को सेरी मंच मंडी में माकपा और भाकपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। वामपंथी नेताओं ने केंद्रीय बजट को कॉरपोरेट हितैषी और जनविरोधी करार दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
माकपा नेता कुशाल भारद्वाज और एडवोकेट देस राज शर्मा ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण की अनदेखी की गई है। राज्यों के वित्तीय अधिकारों पर हमला तेज किया गया है। देश के कॉरपोरेट घरानों को खुश करने के लिए बजट में न्यूनतम वेतन का कोई जिक्र नहीं किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला कल्याण व बाल विकास के लिए बजट आवंटन में कटौती की गई है।
केंद्रीय बजट किसानों और मेहनतकश वर्ग पर बड़ा हमला है। इसमें किसानों के लिए न कोई एमएसपी है, न कोई ऋण माफी है। उर्वरक सब्सिडी में कटौती की गई है। गरीबी बढ़ने के साथ काम की अत्यधिक मांग बढ़ने के बावजूद मनरेगा में कोई वृद्धि नहीं की गई है। बजट में निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई लाने और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में देशी विदेशी पूंजीपतियों की घुसपैठ को आसान किया गया है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि बजट से निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है और बीमा व परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी पूंजीपतियों की घुसपैठ आसान हो गई है। वामपंथी पार्टियों ने वैकल्पिक प्रस्ताव रखते हुए 200 बड़े उद्योगपतियों पर 4 फीसदी वेल्थ टैक्स लगाने, कॉरपोरेट टैक्स बढ़ाने, एमएसपी सुनिश्चित करने, मनरेगा आवंटन 50 फीसदी बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि की मांग की।
प्रदर्शन में ललित ठाकुर, मेघ राज पालसरा, महेंद्र राणा, वीना वैद्य, सुरेश सरवाल, जोगिंद्र वालिया, राजेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।