शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मिलते मह
मंडी। इंदिरा मार्केट में सबलेट की गई दुकानों का मामला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष पहुंच गया है। नगर निगम मंडी के महापौर वीरेंद्र भट्ट के नेतृत्व में पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सबलेट दुकानों को सबलेटिंग फीस लेकर नियमित करने का आग्रह किया।
नगर निगम मंडी के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शहरी विकास एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की। इस दौरान हुई बैठक में महापौर ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर चर्चा की और क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपये की राशि की मांग की। इसमें पार्क, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट्स और सामुदायिक भवन बनाने के अलावा नगर निगम मंडी में कर्मचारियों के खाली पदों को भरने का भी मुद्दा उठाया।
महापौर ने पुरानी मंडी से पड्डल पुल तक के अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने और सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) मंडी के लिए धनराशि जारी करने की मांग की। साथ ही एसपीयू के भवन को अन्य स्थान पर स्थानांतरित न करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले नगर निगम की दुकानों को किराये पर दिया गया था। मगर कुछ दुकानदारों ने इन्हें अन्य व्यक्तियों को सबलेट कर दिया है। यदि निगम सबलेटिंग फीस लेकर इन्हें नियमित करता है तो इससे निगम की आय बढ़ेगी और दुकानदारों की समस्याओं का समाधान भी होगा। इस अवसर पर पार्षद राजेंद्र मोहन, योगराज, कृष्ण भानु सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से नगर निगम की वित्तीय स्थिति को लेकर मिले हैं। एसपीयू मंडी समेत अन्य मुद्दों को भी सीएम और शहरी विकास मंत्री के समक्ष उठाया। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया।
-वीरेंद्र भट्ट, महापौर, नगर निगम मंडी