धर्मपुर (मंडी)। सरकाघाट में 79वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह के मौके पर हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व जिला पार्षद भपेंद्र सिंह, रणताज़ राणा, दिनेश काकु और हिमाचल किसान यूनियन के तेज नाथ शर्मा की अगुवाई में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को तीन मांग पत्र सौंपे। पहले मांग पत्र में 2023 और 2025 कि आपदा में बेघर हुए परिवारों को जल्दी भूमि आवंटित करने की मांग उठाई गई।
भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 14 अगस्त 2023 को टिहरा क्षेत्र की तनियार ग्राम पंचायत के हियुन बलह के रूपलाल, सुरेश कुमार, मंजीत सिंह, सोनू, बसंत सिंह, राजेश कुमार, राकेश, रमेश, अनिल, गीता, शीला, राजू और अमर सिंह को अभी तक भी जमीन नहीं मिली है।
30 जून 2025 को लौंगणी के स्याठी गांव के देश राज, डुमनु राम, ब्रम्हदास, दीप कुमार,विशाल कुमार, गर्दीता, रूमा देवी, धनदेव, हल्कू राम, विजय कुमार, कर्मदास तथा सरी-कपाही के रवि कुमार के घर व गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। किसान सभा ने मुख्यमंत्री को हमीरपुर-सरकाघाट-धर्मपुर-मंडी की ओर बन रहे राष्ट्रीय उच्च मार्ग के कारण दर्जनो घर गिरने के कगार पर हैं। दर्जनों जगहों पर अवैध डंपिंग और बलास्टिंग के कारण हर कहीं भूस्खलन हो रहा है। आजकल धर्मपुर की ओर आना जाना जान जोखिम में डाल कर करना पड़ रहा है। इस अवैध डंपिंग के लिए कंपनी पर एफआईआर दर्ज न करने के लिए पुलिस प्रशासन की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई।
इसके अलावा किसानों के कब्जे वाली भूमि से उनकी बेदखली रोकने के लिए क़ानून बनाने तथा हाई कोर्ट में हलफनामा दायर करने की भी मांग उठाई गई। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल किसान सभा इस बारे रणनीति तैयार करने के लिए 29 अगस्त को मंडी में राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित करने जा रही है।