प्रवक्ता संघ ने शिक्षा उपनिदेशक को सौंपा मांगपत्र
पात्र शिक्षकों का ब्योरा जल्द जुटाने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। 15 मई 2003 से पहले अनुबंध पर नियुक्त होकर बाद में नियमित हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने की प्रक्रिया तेज करने की मांग उठी है। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूली शिक्षा उपनिदेशक (सेकेंडरी) मंडी यशवीर धीमान से मुलाकात कर इस संबंध में मांगपत्र सौंपा।
संघ के जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने कहा कि वित्त विभाग की ओर से जुलाई 2026 में जारी पत्र के अनुसार 15 मई 2003 से पहले अनुबंध पर नियुक्त और इसके बाद नियमित हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना तथा संबंधित लाभ देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे पात्र कर्मचारियों से 31 अक्तूबर 2026 तक विकल्प लिए जाने हैं।
उन्होंने बताया कि विकल्प देने के बाद संबंधित कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खाते 28 फरवरी 2027 तक बंद कर उनमें जमा राशि सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में स्थानांतरित करने का प्रावधान है। सरकार का अंशदान सरकारी खाते में जमा किया जाएगा।
संघ ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नियुक्ति, भर्ती या संबंधित विज्ञापन की प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले पूरी हो चुकी थी लेकिन नियमितीकरण बाद में हुआ, उनके मामले भी प्रावधान के तहत पात्रता के दायरे में आ सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा उपनिदेशक से जिला मंडी के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत ऐसे पात्र शिक्षकों का ब्योरा जल्द एकत्रित करवाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की। उपनिदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान राज्य महासचिव इंद्र सिंह ठाकुर, जिला मुख्य मार्गदर्शक मनोज शर्मा, प्रवक्ता पिंक राज, डोले राम यादव और गोरखिया राम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।