सुंदरनगर में एसआईटी गठन की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकालते परिजन व अन्य। संवाद
10 दिनों में एसआईटी गठित न हुई तो व्यापक आंदोलन होगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। जयदेवी की सरकारी स्कूल शिक्षिका आशिमा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच को लेकर परिजनों का विरोध तेज हो गया है। वीरवार को भोजपुर बाजार के गोपाल मंदिर से महाराणा प्रताप चौक तक कैंडल मार्च निकालकर लोगों ने आशिमा को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
मृतका के पिता सुलेमान अंसारी ने आरोप लगाया कि घटना के 15 दिन बाद भी जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी। उनका कहना है कि आरोपी पति के कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं हुई और घटनास्थल से फिंगरप्रिंट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में भी लापरवाही बरती गई। उन्होंने दावा किया कि जांच में कथित खामियों के कारण आरोपी ननद को हाईकोर्ट से जमानत मिली। ज्ञापन में गायब साक्ष्यों की बरामदगी, सभी पहलुओं की वैज्ञानिक जांच और एसआईटी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई। कैंडल मार्च में परिजनों के अलावा संयुक्त व्यापार संगठन, व्यापार मंडल, महिला मंडलों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। संयुक्त व्यापार संगठन के प्रदेश महासचिव सुरेश कौशल उर्फ बबू पंसारी और सुंदरनगर व्यापार मंडल के सचिव संजय शर्मा ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर एसआईटी का गठन नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों के सहयोग से व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।