बैहना और दोंहदी वार्ड को निगम से बाहर करने के लिए उपायुक्त से मिलने जाते लोग। स्रोत जागरूक पाठक
मंडी। नगर निगम के परिसीमन प्रारूप के तहत शुक्रवार को डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने करीब आठ आपत्तियां सुनीं और संबंधित लोगों से सवाल-जवाब भी किए। इस मौके पर डीसी की अदालत में लोगों ने भी संबंधित मुद्दों को लेकर बढ़चढ़ कर भाग लिया और अपने अपने तर्क प्रस्तुत किए। ये आपत्तियां परिसीमन प्रारूप को लेकर मांगी गई थीं।
इस मौके पर डीसी मंडी ने सभी पक्षों से बातचीत की और आपत्तियों को निपटाने का प्रयास किया। सबसे जटिल मुद्दा बैहना और दोंहदी वार्ड का रहा। जिसमें ग्रामीणों के साथ पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने भी शिरकत की। बैहना और दोंहदी के मुद्दे को डीसी के सामने उठाया। इस अवसर पर प्रकाश चौधरी ने तर्क दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण उचित नहीं है। इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहने दिया जाए। डीसी ने उनकी हर बात को सुना। साथ आए ग्रामीणों ने अपना पक्ष डीसी के सामने रखा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम की शर्त को पूरा करने के लिए उन्हें शामिल किया गया था। मगर अब जबकि शहर की आबादी बढ़ गई है तो ऐसी शर्त की कोई जरूरत नहीं है। बैहना व दोंहदी वार्ड को निगम से बाहर किया जाए। फिलहाल डीसी ने सभी की बातों को सुना लेकिन फैसला अभी नहीं लिया है। उधर अन्य छह आपत्तियों की सुनवाई भी की गई।
उधर, नगर निगम मंडी खलियार वार्ड के लोगों ने भी प्रशासन को मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में मांग की गई कि हमें निगम से बाहर कर पंचायत में डाला जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जो सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर मिलती हैं, वे नहीं मिल रही हैं। वहीं, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सभी पक्षों की आपत्तियों को सुना गया है। जल्द उन्हें निपटा दिया जाएगा।