दो दिन अवकाश के बाद अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़, व्यवस्था हुई धड़ाम
स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में दो दिन के अवकाश के बाद वीरवार को सभी ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति यह रही कि कई मरीज ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते हुए बेसुध हो गए, जबकि भीड़ के कारण लोग सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते नजर आए। वीरवार को अस्पताल में केवल पांच चिकित्सकों ने ही मरीजों को सेवाएं दीं।
सौ बिस्तरों वाले इस उपमंडलीय अस्पताल में दोपहर तक लगभग 300 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। चिकित्सकों की कमी के चलते मुख्य ओपीडी में अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ को स्वयं ओपीडी संभालनी पड़ी। स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ा, जबकि मेडिसिन विशेषज्ञ के न पहुंचने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।
आपातकालीन सेवाओं में तैनात एक चिकित्सक ने लगभग 20 गंभीर मरीजों का उपचार किया। चिकित्सकों की कमी के कारण इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार करना भी चुनौतीपूर्ण बना रहा। सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल में लगभग आठ चिकित्सकों के पद अभी भी रिक्त हैं, जिससे व्यवस्था पर लगातार दबाव बना हुआ है।
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अस्पताल में दो दिन के अवकाश के बाद मरीजों की अत्यधिक भीड़ के बावजूद सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया गया। रिक्त पदों की पूर्ति तथा प्रतिनियुक्ति के आधार पर चिकित्सकों की तैनाती को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार जारी है। -डॉ. विकास नाथ, एसएमओ, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर