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प्रधानाचार्य पर स्कूल में छात्र से मारपीट करने के आरोप, मुकदमा

Thu, 25 May 2017 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मंडी
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सराजघाटी के एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य पर छात्र ने मारपीट के संगीन आरोप लगाए हैं।
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शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। हालंाकि मामला 20 मई का बताया जा रहा है। शिकायत के आधार पर की गई जांच के बाद पुलिस ने वीरवार को ही आईपीसी की धारा 323 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट से संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उधर प्रधानाचार्य ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिकायतकर्ता को स्कूल का छात्र होने से ही इंकार कर दिया है।   

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अपने आपको दसवीं कक्षा का छात्र बताने वाले उषेर सिंह ने परिजनों सहित शिकायत की है कि उसके साथ 20 मई को स्कूल प्रधानाचार्य ने मारपीट की है। शिकायत में कहा है कि उसे कक्षा को चुप करवाने जिम्मा सौंपा गया था। एक छात्र कक्षा में काफी शोर मचा रहा था। उसे चुप रहने के लिए कहा गया लेकिन वह नहीं माना। इसलिए सख्ती बरतते हुए उसे चांटा मार दिया। इसकी शिकायत शोर मचाने वाले छात्र ने प्रधानाचार्य से कर दी। प्रधानाचार्य ने दोनों को अपने कक्ष में बुलाया और बाहर जाने के लिए कहा। आरोप है कि कुछ देर बाद प्रधानाचार्य स्कूल कैंपस में आया और उसे जोर-जोर से मारने लगा। उसके सिर पर मुक्कों से कई प्रहार किए। साथ ही लातें भी मारी। उसे मारपीट में चोटें आई हैं। पुलिस में मामले की शिकायत सौंपते हुए छात्र ने कार्रवाई की मांग की है।
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छात्र का मेडिकल करवाया, मुकदमा दर्ज: डीएसपी
उधर डीएसपी हितेश लखनपाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीड़ित छात्र का मेडिकल करवा दिया है। वहीं पुलिस चौकी प्रभारी गोपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 323 व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर दिया है, मामले की जांच की जा रही है।  
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प्रधानाचार्य ने नकारे सारे आरोप
उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि अपने आपको स्कूली छात्र बताने वाले शिकायकर्ता की एडमिशन स्कूल में नहीं हुई है। वह स्कूल का स्टूडेंट नहीं है। वह एडमिशन मांगने आया था। उससे औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए दस्तावेज मांगे गए थे। साथ ही पिता को भी साथ लाने के लिए कहा था। उसके बाद पांच दिन के अवकाश पर चला गया। जब 20 तारीख को स्कूल पहुंचा तो लास्ट पीरियड में एक टीचर दोनों बच्चों को मेरे पास लाईं। मेरी मंजूरी के बगैर शिकायकर्ता अस्थाई रूप से स्कूल क्लास रहा था। जब टीचर ने कहा कि शिकायतकर्ता ने कक्षा के एक छात्र को पीटा। वहीं शिकायकर्ता स्कूल ड्रेस में भी नहीं था। जब उसे स्कूल में अनुशासन में रहने के लिए हिदायत की तो वह भड़क गया और झूठे आरोप लगाए हैं।
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