बांदा पैलानी के पास हुए हादसे में मृत लोगों के घर मातम है। मरने वाले तीनों मुख्यालय के एक ही मोहल्ले के थे। इसमें एक के परिवार की आर्थिक दशा ठीक नहीं है। परिजन बांदा से शव लाने नहीं जा सके। इससे अंतिम संस्कार के लिए मोहल्ले के लोगों ने एक दूसरे से पैसा इकट्ठा किया।
मुख्यालय के मिश्राना मोहल्ला निवासी छोटू सिंह (22) अपने छोटे भाई पीयूष (20) पुत्र स्व.रणधीर सिंह, रहुनियां धर्मशाला निवासी विनोद दीक्षित (48) पुत्र रामसनेही दीक्षित, पुलिस चौकी तिराहा निवासी दिनेश उर्फ बऊवा विश्वकर्मा (44) पुत्र स्व.जगन्नाथ व नौबस्ता अंबेडकर नगर निवासी रिटायर्ड कर्मी श्यामलाल (65) पुत्र चतुरा अहिरवार के साथ बोलेरो से चित्रकूट दर्शन करने के लिए बुधवार की रात निकले थे। बांदा जिले के पैलानी के पास यह हादसा हो गया। दिनेश, विनोद व श्यामलाल की मौत हो गई। छोटू व उसका भाई पीयूष गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनका इलाज बांदा में चल रहा है। गुरुवार की सुबह मौत की सूचना मिलने पर तीनों परिवारों में कोहराम मच गया।
पुलिस चौकी तिराहा निवासी मृतक दिनेश की मां सुमित्रा बेसुध हो गई थीं। बेटे की मौत के गम में उसके आंसू सूख चुके थे। मृतक के बड़े भाई सुरेश ने बताया कि रात नौ बजे भाई चित्रकूट जाने की बात कहकर चला गया था। सुबह उसके मौत होने की खबर मिली। वे सभी अविवाहित हैं। परिवार की आर्थिक दशा बहुत दयनीय है। घर में लोहारगिरी का काम करते हैं। काम आने पर ही घर का खर्च चलता है। पैसा न होने से घर का कोई सदस्य शव को लेने बांदा तक नहीं जा सका। पड़ोसियों को जब जानकारी हुई तो पठकाना मोहल्ला निवासी रसूलबख्स, अकील, बाबू, जानमुहम्मद, कल्लू, इद्दू, अजीम, वशीर, चंगेश, सद्दल आदि ने आपस में पैसे एकत्र कर यही लोग बांदा गए।
नौबस्ता अंबेडकर नगर निवासी मृतक श्यामलाल अहिरवार कानपुर के एफसीआई में कर्मचारी थे और 2006 में रिटायर्ड हुए थे। इनके घर में भी यहां मातम पसरा था। पत्नी दयावती ने बताया कि उसके तीन पुत्र सुशील, सुनील, सुनीत व दो पुत्रियां रेखा व जगयंती हैं, जिसमें बड़े पुत्र व रेखा की शादी हो चुकी है। सुनील काफी दिन पहले घर से चला गया था। आज तक कोई सुराग नहीं लग सका। छोटा पुत्र सुनीत मंदबुद्धि है।
रहुनिया धर्मशाला मोहल्ला निवासी विनोद दीक्षित अपने आवास में अकेले ही रहता था। उसके बड़े भाई नंदकिशोर दीक्षित मौदहा में एडीओ (समाज कल्याण) हैं। पिता रामसनेही दीक्षित कुरारा के पूर्व ब्लाक प्रमुख नातियों के साथ कानपुर में रह रहे हैं। सूचना मिलने पर सुबह परिजन मुख्यालय आए। एक प्राइवेट वाहन से बांदा के लिए रवाना हो गए। वह अविवाहित था।