धर्मपुर (मंडी)। बिना पुलिस को सूचना दिए सड़क किनारे मिले नवजात को बीएसएफ में तैनात महिला की ओर से अपने पास रखने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नवजात गांव की एक अन्य महिला को सड़क किनारे मिला था। आरोप है कि उसने नवजात को बीएसएफ में तैनात महिला को सौंप दिया। अचानक रात को नवजात की तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। जब चिकित्सकों ने पूछताछ की तो मामला उजागर हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दोनों महिलाओं के बयान के बाद जांच शुरू कर दी है। जिस महिला को बच्चा सौंपा गया है, वह बीएसएफ में तैनात है। कुछ दिन के लिए वह अवकाश पर घर आई हैं। उधर, पुलिस ने तमाम पहलुओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। यह मामला शुक्रवार का है। नवजात मिलने की सूचना पुलिस को न देना और बीएसएफ महिला कर्मी की ओर से गुपचुप तरीके से उसे अपने पास रखना कई सवाल खड़े कर रहा है? लिहाजा पुलिस ने मामले में हर एंगल पर जांच शुरू कर दी है। उधर, थाना प्रभारी धर्मपुर सूरम सिंह इस मामले की छानबीन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे ही हालत गंभीर है। उसे सरकाघाट रेफर कर दिया गया है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
नवजात बच्चा किसका है? किसने और क्यों नवजात को सड़क किनारे फेंका? बच्चा मिलने के बाद महिला ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? वहीं बीएसएफ में तैनात महिला ने गैरकानूनी तरीके से नवजात को अपने पास क्यों रख लिया? पुलिस इन सब बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही पुलिस मामले की असलीयत से पर्दा उठा सकती है।
पुलिस को देनी चाहिए थी सूचना
डीएसपी सरकाघाट चंद्रपाल ने कहा कि पुलिस हर एंगल को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बच्चा मिलते ही पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ है। जल्द इस मामले की छानबीन करके बच्चे की असली मां को ढूंढ लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।