सरकाघाट (मंडी)। चेक बाउंस के एक दोषी को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर एक हरमेश कुमार की अदालत ने एक साल की कैद और दो लाख 90 हजार रुपये अदा करने की सजा सुनाई है।
अधिवक्ता के मुताबिक ख्याली राम पुत्र तोता राम निवासी गांव टांडा डाकघर भांबला तहसील सरकाघाट ने कार खरीदने के लिए 8 मई 2012 को हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक चोलथरा से पांच लाख रुपये का ऋण लिया। दोषी लंबे समय से लोन को वापस नहीं कर रहा था।
बैंक ने जब संपर्क साधा तो उसने 18 जून 2014 को एक चेक हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के मैनेजर को दिया, जो 20 जून को बाउंस हो गया। इस पर बैंक प्रबंधक ने उसे अपने वकील के माध्यम से नोटिस जारी करके लोन अदा करने को कहा। मगर इसके बाद भी वह लोन अदा नहीं कर रहा था। अधिवक्ता सुरेंद्र ठाकुर ने सजा की पुष्टि की है।