जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले की मुख्य आकर्षण रही सांस्कृतिक संध्याओं के भव्य आगाज को लेकर इस बार असमंजस पैदा हो गया है। बजट के अभाव को देखते हुए मेला समिति इस बार सांस्कृतिक संध्याओं में बाहरी राज्यों के पंजाबी और बालीवुड गायकों पर धन लुटाने के पक्ष में नहीं है। बड़ी स्टार नाइट इस बार मेले के बजट पर निर्भर करेगी। सांस्कृतिक संध्याओं पर केवल हिमाचली और स्थानीय कलाकार ही क्षेत्रवासियों का मनोरंजन करेंगें।
शहर में पहली अप्रैल से राज्य स्तरीय देवता मेला शुरू होगा। चार सांस्कृतिक संध्याएं इस बार भी होंगी, लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के संबंध में अनुपूरक कार्यवाही के लिए बजट की बाधा आड़े आ गई है। अब मेले के विभिन्न संसाधनों से आमदनी के बाद ही मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में चार चांद लगने की उम्मीद है। वहीं, खेलकूद कार्यक्रम और दिन में महिला मंडलों की गतिविधियों को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है।
मेला समिति की खाली पड़ी तिजोरी को भरने के लिए मेला मैदान में आमदनी जुटाने के लिए इस बार दो से अधिक डोम लगाने पर विचार-विमर्श हो रहा है। जोगिंद्रनगर देवता मेले की सांस्कृतिक संध्याओं और दोपहर के कार्यक्रमों के लिए लगभग 40 से 50 लाख रुपये इस बार भी खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अन्य चीजों के लिए करीब 20 लाख रुपये की जरूरत रहती है।
पुलिस थाना चौक से लेकर विश्राम गृह व लोक निर्माण विभाग कार्यालय के इर्द-गिर्द सड़क किनारे सजने वाली अस्थायी दुकानों में कुछ छोटे दुकानदारों को राहत प्रदान करने के अलावा यहां से भी मेला समिति को आमदनी की उम्मीद है। उधर, एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि अनुमानित 65 से 70 लाख रुपये इस बार मेले के आयोजन पर खर्च होने का अनुमान है।