मंडी। प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना और बुढ़ापा पेंशन को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। 60 साल की उम्र होने पर पति को अगर बुढ़ावा पेंशन लग गई है तो महिला को 1500 रुपये वाली इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, महिला को 1500 रुपये मिल रहे हैं तो पति को बुढ़ावा पेंशन नहीं मिलेगा।
मगर कई तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालयों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें 60 साल का पति बुढ़ापा पेंशन और पत्नी इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं। मगर उन्हें यह जानकारी नहीं है कि दोनों में से किसी एक को ही सरकार की योजना का लाभ मिलेगा। इस कारण लोगों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि दोनों 60 साल की उम्र में बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले सकते हैं।
बलद्वाड़ा के नरोत्तम राम ने बताया कि वह तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय में बुढ़ापा पेंशन के लिए आवेदन करने पहुंचे थे। इस दौरान उनको कहा गया कि उनकी पत्नी का 1500 रुपये का फार्म पहले जमा है, ऐसे में उन दोनों में से एक हो ही योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, सरकाघाट के ज्ञान चंद ने बताया कि वह बुढ़ापा पेंशन और उनकी पत्नी प्यारी बहना योजना का लाभ लेना चाहते हैं, मगर उनको बताया कि दोनों को एक साथ दोनों योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता है।
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का लाभ भी 59 साल से कम आयु की महिलाओं को ही मिलेगा। इसके बाद उनको बुढ़ापा पेंशन के लि आवेदन करना पड़ेगा। जिला कल्याण अधिकारी समीर ने बताया कि कोई भी एक साथ दोनों योजनाओं का लाभ नहीं ले सकता है। 59 साल पूरे कर चुकी महिलाएं बुढ़ापा पेंशन के लिए आवेदन करें तो ठीक होगा, क्योंकि 59 साल की आयु में प्यारी बहना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
जिला में एक लाख से अधिक महिलाओं ने किया आवेदन
जिला मंडी में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। अब तक एक लाख से अधिक महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर चुकी हैं। लोकसभा चुनाव से पहले आवेदन करने वाली कई महिलाओं को तीन माह की पेंशन एक साथ मिल चुकी है। वहीं, अब नए आवेदन करने वाली महिलाओं को 1500 रुपये का बेसब्री से इंतजार है।