मंडी। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में परिचालक शून्य टिकट काटने को लेकर अधिकारियों के आदेश नहीं मान रहे हैं। मामला निगम के उच्च प्राधिकारी तक पहुंच गया है। निगम ने मार्च 2025 में परिचालकों को बस में सवार सभी के टिकट काटने के निर्देश जारी किए थे। जिन यात्रियों के पास बस पास या विशेष श्रेणी में आते हैं, उनके भी शून्य टिकट काटने के निर्देश हैं ताकि यह पता चल सके कि निगम की बसों में रोजाना किस श्रेणी के कितने लोग सफर करते हैं, कितना खर्चा प्रतिदिन हो रहा है। इसका आकलन करने के लिए निगम ने यह निर्णय लिया है लेकिन मंडी जिला में कुछ परिचालक इसे जरूरी नहीं समझ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई है। एचआरटीसी मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह बसों की व्यक्तिगत रूप से जांच करें और अपने अधीनस्थ सभी परिचालकों और चालकों को सख्त निर्देश दें कि वह सभी रियायती श्रेणियों के यात्रियों को तत्काल शून्य टिकट जारी करें और बस में यात्रा के दौरान कोई भी बिना टिकट न रहे। आदेशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामला ध्यान में आने के बाद सभी को आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को भी बसों की व्यक्तिगत जांच करने को कहा गया है। अगर कोई परिचालक नियमों की अवहेलना करना है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-पियूष शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी मंडी
मंडी डिपो की नौ बसें अभी भी सराज में फंसीं
सराज में हुई त्रादसी के 16 दिन बाद भी विभिन्न इलाकों जंजैहली और कलहणी समेत अन्य जगह हिमाचल पथ परिवहन निगम की नौ बसें फंसी हुई हैं। सड़कें ध्वस्त होने के चलते निगम बसों को नहीं निकाल पा रहा है। मंडी डिपो के अभी भी 20 से 25 रूट रोजाना प्रभावित हो रहे हैं। निगम को रोजाना लाखों रुपये की चपत लग रही है। अभी तक मंडी से बगस्याड़ तक ही बस सेवा शुरू हो पाई है। इसके आगे सड़क बड़े वाहनों के लिए अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। क्षेत्रीय प्रबंधक पियूष शर्मा ने बताया कि फंसी हुई बसें सुरक्षित हैं। सड़कों की बहाली के बाद उन्हें निकाल लिया जाएगा।