नेरचौक (मंडी)। जिलेभर के कंप्यूटर कोर्स, कोचिंग, ट्यूशन कक्षाओं, पीजी और पुस्तकालय संचालकों को अब अपने संस्थानों का पंजीकरण श्रम विभाग के पास करवाना अनिवार्य होगा। यह पंजीकरण दुकान एवं वाणिज्य संस्थान अधिनियम 1969 के तहत किया जाएगा। हाल ही में विभिन्न संस्थानों में हुई घटना का संज्ञान लेते हुए श्रम विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
बिना पंजीकरण चल रहे संस्थानों के खिलाफ अब नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षुओं के हितों की सुरक्षा करना है, बल्कि इन संस्थानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार लाना भी है। पंजीकरण के बाद संस्थानों को सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित करना होगा और निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
इस कदम से अनियमित और अनधिकृत शिक्षण संस्थानों पर भी रोक लगाई जा सकेगी। पंजीकरण के बिना कोई भी संस्थान अपनी सेवाएं नहीं दे सकेगा और अगर ऐसा पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संस्थान पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और उन्हें अपने संस्थान का पूरा विवरण, फैकल्टी की योग्यता, शुल्क संरचना और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। बाद में श्रम विभाग इन विवरणों की सत्यता की पुष्टि करेगा।
बिना पंजीकरण वाले कंप्यूटर, ट्यूशन सेंटर और अन्य संस्थानों के पंजीकरण की जांच के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
जिला श्रम अधिकारी भावना शर्मा ने बताया कि पंजीकरण न करवाने वाले कोचिंग, पीजी, कंप्यूटर और अन्य संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बाद, संस्थान से जुड़ी सारी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध रहेगी, जिससे संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी।