मंडी। एएमआरयू से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के लिए एम्स बिलासपुर में क्लीनिकल अनुभव और शोध गतिविधियों से जुड़ने के अवसर बढ़ेंगे। अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) नेरचौक और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। एमओयू पर एएमआरयू के कुलपति डॉ. डीके वर्मा और एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के शैक्षणिक आदान-प्रदान के साथ सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएं और अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विज्ञान, आयुष एकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
दोनों संस्थान अपनी प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं, पुस्तकालयों और ई-संसाधनों का संस्थागत नीतियों के अनुसार साझा उपयोग कर सकेंगे। कौशल विकास, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भी सहयोग किया जाएगा। एमओयू के तहत एएमआरयू से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को एम्स बिलासपुर में क्लीनिकल अनुभव, अस्पताल प्रशासन, जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अनुसंधान गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ शैक्षणिक, परीक्षा और शोध से जुड़ी गतिविधियों में भी सहयोग करेंगे।
यह समझौता तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा। दोनों संस्थानों की सहमति और सक्षम प्राधिकारियों की मंजूरी से इसमें आवश्यक संशोधन या विस्तार किया जा सकेगा। इस अवसर पर एएमआरयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश भवानी और एम्स बिलासपुर के डीन रिसर्च डॉ. अनुपम पराशर मौजूद रहे।