सुंदरनगर (मंडी)। राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की आपातकालीन बैठक सुंदरनगर में हुई। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही ने की। बैठक में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति और नियमितीकरण को लेकर पिछली जयराम सरकार की ओर से लगाई गई रोक के खिलाफ रोष जताया।
चमन राही ने कहा कि वर्तमान सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के समक्ष यह मामला लाया तो उन्होंने विभागीय मापदंड के अनुरूप 110 कर्मचारियों को पदोन्नति दी है। इसके उपरांत अब 40 कर्मचारी शेष बचते हैं, उनको भी इसी तर्ज पर वित्तीय वर्ष में पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ लोग सेवानिवृत्ति पर बैठे हैं।
शिक्षा विभाग में ही दैनिक वेतन भोगी 928 के लगभग पद हैं, जिसमें से 710 लोगों को सुक्खू सरकार ने नियमित कर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शीघ्र वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों को नियमित किया जाए। कर्मचारी कॉलेजों, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं और अन्य शिक्षण संस्थानों में बतौर जलवाहक सेवाएं दे रहे हैं। इसमें अधिकतर लोग आईआरडीपी, विधवाएं, दिव्यांग, दलित और कमजोर तबके से संबंधित कर्मचारी कार्यरत हैं।
इस मौके पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के राज्य महासचिव जगदीश चंद, जिला महासचिव नरेश कुमार, शीला देवी, गुलट राम, प्यारे लाल, निर्मला देवी, सुरेश, चरणदास आदि ने कहा कि इन कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाएगा। संवाद