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चेक बाउंस के आरोपी की सजा बरकरार

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मंडी। चेक बाउंस के मामले में अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। सत्र न्यायाधीश की अपीलीय अदालत ने चच्योट तहसील के जुकनैल (देवदहड़) निवासी रविन्द्र पाल पुत्र बली राम की अपील को खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय की ओर सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है।
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अधीनस्थ न्यायालय ने थुनाग तहसील के पुठा कठैर निवासी लाल सिंह पुत्र एम एल ठाकुर की शिकायत पर आरोपी रविन्द्र पाल के खिलाफ चलाए गए अभियोग के साबित होने पर उसे छह माह के साधारण कारावास और 50,000 रूपये हर्जाने का फैसला सुनाया था। इस मामले के तथ्यों के मुताबिक शिकायतकर्ता ने अधीनस्थ न्यायालय में निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दायर कर आरोपी पर अभियोग चलाया था। जिसमें शिकायतकर्ता का कहना था कि आरोपी थुनाग जीप यूनियन का प्रधान है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से एक जीप चार महीने के लिए 27 हजार रुपये प्रतिमाह की दर पर किराए पर ली थी। आरोपी ने तीन महीने 18 दिन तक जीप का प्रयोग किया लेकिन उसने शिकायतकर्ता को एक माह 18 दिन का किराया 43,200 ही अदा किए। इसके अलावा आरोपी ने बकाया राशि के भुगतान के लिए 27-27 हजार रुपये के दो चेक जारी किए थे। शिकायतकर्ता ने जब चैक भुगतान के लिए लगाये तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गए। जिस पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी राशि अदा न करने पर उन्होंने अदालत में शिकायत दायर की थी। अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चेक बाउंस का अपराध साबित होने पर आरोपी को उक्त सजा का फैसला सुनाया था। आरोपी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। अपीलीय अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय सही मानते हुए आरोपी को उक्त सजा और हर्जाना अदा करने का फैसला बरकरार रखते हुए अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है।
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