बालीचौकी (मंडी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बालीचौकी को नागरिक अस्पताल का दर्ज मिल गया था। मगर सुविधाएं अभी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर की मिल रही हैं। कारण सीएचसी में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती न होना है। इस कारण क्षेत्र की करीब 60 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
सीएचसी बालीचौकी को सितंबर 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नागरिक अस्पताल का दर्जा देने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने इस नागरिक अस्पताल का दर्जा देने की अधिसूचना भी जारी कर दी थी। मगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद स्टाफ और अन्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार ने नागरिक अस्पताल की अधिसूचना को रद्द कर दिया था। मगर सीएचसी में अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हो सकी है।
सीएचसी में अब मात्र दी चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं, जो क्षेत्र की करीब 60 पंचायतों के लोगों की सेहत का ख्याल रख रहे हैं। मगर हालात उस वक्त विकट होते हैं, जब आपात स्थिति में अल्ट्रासाउंड, गर्भपात और दुर्घटना आदि होने पर क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए बालीचौकी से 70 से 100 किलोमीटर दूर कुल्लू और मंडी के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
सीएचसी में रोजाना 200 से 400 के बीच ओपीडी होती है। ग्रामीण परिवेश होने के कारण खासकर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में भारी परेशानी आती है। वहीं, दुर्घटना आदि होने पर घायलों को मरहम पट्टी लगाकर यहां क्षेत्रीय अस्पताल मंडी या कुल्लू के लिए रेफर करना चिकित्सकों की मजबूरी बन गया है। सड़कों की हालत खस्ता होने से कारण कई बार मरीज वाहन में ही दम तोड़ देते हैं।
उधर, बीएमओ जंजैहली डॉ. पुष्प ठाकुर ने कहा कि बालीचौकी में नागरिक अस्पताल की अधिसूचना को सरकार ने रद्द कर दिया है। सीएचसी में डाक्टरों के पदों और अन्य मुद्दों को लेकर उच्चाधिकारियों को बता दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीतिक फायदे के लिए बालीचौकी सीएचसी को नागरिक अस्पताल बनाया था। पद सृजत ही नहीं करवाए थे। स्टाफ और अन्य सुविधाएं न होने के कारण प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना रद्द की थी। सीएचसी में स्टाफ की तैनाती के लिए सरकार से बात की जाएगी। -जगदीश रैड़ी, कांग्रेस नेता, सराज
क्षेत्र और समय की जरूरत के हिसाब से सीएचसी बालीचौकी को नागरिक अस्पताल बनाया था। अब फिर से स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से इसे अस्पताल बनाने की मांग की जाएगी। गंभीर बीमारी में लोगों को कुल्लू और मंडी जाना पड़ता है। सरकार ने पद नहीं भरे तो भाजपा जल्द आंदोलन भी करेगी।
-बीर सिंह भारद्वाज, अध्यक्ष, भाजपा ओबीसी मोर्चा, सराज
बालीचौकी में स्वास्थ्य सेवाएं न के बराबर हैं। पीएचसी से सीएचसी और फिर नागरिक अस्पताल तक का दर्जा दिया गया था। मगर अभी तक डॉक्टरों के पद ही सृजत नहीं किए हैं। सरकार अगर मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती है और जल्द लोगों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
-महेंद्र राणा, सचिव, भारतीय नौजवान सभा, हिमाचल प्रदेश