चैलचौक (मंडी)। मौसम की बेरुखी के चलते इस बार सेब के बगीचों में फ्लावरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सर्द-गर्म मौसम ने फ्लावरिंग का संतुलन बिगाड़ कर रख दिया है। क्षेत्र के सेब बगीचों में फ्लावरिंग का समय नजदीक आ गया है।
लोअर बेल्ट में पत्तों के बाद फूलों का निकलना शुरू हो गया है, मगर सर्द गर्म मौसम से फूल सही ढंग से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। जिससे फ्लावरिंग देरी से हो रही है। एप्पल वैली जंजैहली, कमरूघाटी और करसोग में मौसम के बिगड़ते मिजाज से बागवान संशय में हैं। कमरूघाटी और जंजैहली घाटी में बागवानों ने ओलावृष्टि के डर से पौधों पर नेट लगा दिए हैं। सराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर का कहना है कि मौसम स्थिर न रहने से इस बार सेब फ्लावरिंग पर बड़ा संकट छा गया है।
इससे घाटी के सेब बागवान चिंतित हैं। नाचन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के प्रधान बीके ठाकुर का कहना है कि नाचन क्षेत्र के सेब बगीचों में मौसम के बिगड़ते मिजाज से सेब फ्लावरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ा है, जिससे बागवानों को कम सेटिंग होने की उम्मीद है। बागवानों में लाभ सिंह ठाकुर, देवीराम, चंद्रमणी, भीम सिंह ठाकुर, यशवंत ठाकुर, लेखराज, हेमराज, यशपाल, सेवकू राम, महेंद्र कुमार, दीवान चंद, ठाकुर दास और दीनू ने कहा कि मौसम का सर्द गर्म होना फ्लावरिंग को खराब कर रहा है।
क्षेत्र के जंजैहली, बगस्याड़, थुनाग, सलाहर, कांढा, घरोट, सरोआ, जहल, जबाल, फंगनयार, दोफा, कुटाहची, बाढू, रोहांडा, घीडी, कमांद, चौकी, पंडार, पांगणा, चरखडी और करसोग क्षेत्र में सेब फ्लावरिंग पर मौसम की बेरुखी से बुरा असर पड़ा है। बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज ने कहा कि 15 अप्रैल तक अगर मौसम खराब रहा तो लोअर बेल्ट में सेब फ्लावरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।