पहाड़ी से आ गया भारी मलबा, एक ट्रक और जीप फंसे, चालकों ने भागकर बचाई जान
बिंद्रावणी और आर्मी ट्रांजिट कैंप में अस्थायी चौकियाें ने रोका यातायात
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/पंडोह। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बुधवार रात से वीरवार सुबह तक करीब नौ घंटे बंद रहा। नौ मील के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। इसी बीच मलबे में एक ट्रक और जीप भी फंस गई। दोनों ही चालकों ने मौके से भागकर जान बचाई। इसकी सूचना मिलने पर बिंद्रावणी और आर्मी ट्रांजिट कैंप में अस्थायी चौकियों में तैनात पुलिस कर्मियों ने यातायात रुकवा दिया। इस कारण एनएच पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। नौ मील के पास फिलहाल एकतरफा यातायात बहाल किया जा सका है।
एनएच ठप होने के कारण सैकड़ों वाहन दोनों तरफ फंसे रहे। वाहनों में ही लोगों ने रात गुजारी। हालांकि छोटे वाहन वैकल्पिक मार्गों से रवाना हो गए, लेकिन बड़े वाहनों को एनएच बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। उधर, लोगों में अब केएमसी कंपनी और एनएचएआई के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि केएमसी कंपनी और एनएचएआई यहां पर सही ढंग से हाईवे की देखरेख नहीं कर रही है, जिसकी वजह से आए दिन उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल हुई बरसात के दौरान गिरे हुए मलबे को साल भर उठाने की कोई जहमत नहीं दिखाई गई। जब इस बार बरसात का मौसम शुरू हुआ तो एक साल पहले गिरे मलबे के साथ छेड़छाड़ शुरू की गई। इससे यही जाहिर हो रहा है कि कंपनी प्रबंधन लोगों को जानबूझकर परेशानियों में डालने का काम कर रही है और उनकी जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इन्होंने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से इस ओर कड़ा संज्ञान लेने की मांग उठाई है।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी सागर चंद्र ने बताया कि हाइवे बुधवार रात 3 बजे से बंद था जिसे वीरवार सुबह करीब 10:30 बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। पुलिस टीम की निगरानी में ही वाहनों को एनएच से भेजा जा रहा है।
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कुकलाह में खड्ड का जल स्तर बढ़ने पर फंसे वाहन फंसे
कुकलाह में खड्ड का जल स्तर बढ़ने यह सड़क तक पहुंच गया। इससे यहां कई वाहन फंस गए, जबकि एक जीप मंझधार में फंस गई। चालक ने भी यहां कड़ी मशक्कत कर जान बचाई। इसी के साथ अन्य वाहन भी पानी की चपेट में आए। हालांकि इन्हें कड़ी मशक्कत कर निकाल लिया गया।