जोगिंद्रनगर (मंडी)। नौ साल की अनन्या की मौत पुलिस के लिए मिस्ट्री बन गई है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ और टांडा अस्पताल में जांच के लिए पहुंचीं पुलिस की टीमें खाली हाथ लौट आईं हैं। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़, टांडा अस्पताल के अलावा जोगिंद्रनगर और पालमपुर के कई अस्पतालों में दबिश देने के बाद भी कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं मिल पाया है।
बीते 14 सितंबर को पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान हुई अनन्या की मौत का कारण परिजन जहर मान रहे थे, लेकिन पुलिस की अब तक की जांच में ऐसा कोई भी ठोस सबूत नहीं मिल पाया है। इससे नौ साल की मासूम की मौत की गुत्थी सुलझ पाए। बुधवार को पुलिस थाने पहुंचे डीएसपी पधर संजीव सूद ने अनन्या मौत मामले में पुलिस थाना जोगिंद्रनगर के अलावा अन्य चौकियों के जवानों से भी करीब एक घंटे तक चर्चा की। डीएसपी संजीव सूद ने बताया कि मासूम की मौत को सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच अभी भी जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पर्दाफाश होगा। इस मामले में तीस से अधिक लोगों से पूछताछ की है। जोगिंद्रनगर, पालमपुर, टांडा मेडिकल अस्पताल के अलावा पीजीआई चंडीगढ़ के विशेषज्ञ चिकित्सकों से पस्सल हार की नौ साल की अनन्या और उसके माता-पिता की मेडिकल हिस्ट्री खंगाली है।
आरोपी पिता की नहीं हुई गिरफ्तारी
विकास खंड चौंतड़ा के पस्सल हार गांव की नौ साल की मासूम अनन्या की संदिग्ध मौत मामले में जोगिंद्रनगर पुलिस में दर्ज हत्या के मामले में आरोपी पिता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस थाने में बीते दो सप्ताह से आरोपित पिता राकेश कुमार के अलावा दो अन्य रिश्तेदारों को भी कई घंटों की पूछताछ के लिए थाने लगातार बुलाया जा रहा है, लेकिन कोई भी ठोस सबूत न मिलने के चलते आरोपित पिता की गिरफ्तारी हत्या मामले में नहीं हो पाई है। बता दें कि अनन्या की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने का जिक्र कर ननिहाल पक्ष से नाना बीरवल ने पुलिस थाने में शिकायत सौंपी थी। परिजनों ने मंडी-पठानकोट हाईवे पर चौंतड़ा बाजार में जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दिया था।