एक सप्ताह में दस मरीजों में जहरीले कीट के काटने के बाद शरीर में बने घाव
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में इन दिनों घरों और खेतों में काम कर रहे किसानों और अन्य लोगों को मधु मक्खियों, रंगड़ों के काटने और सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग हरकत में आ गया है। जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक सप्ताह में आठ से दस मरीज जहरीले कीट के काटने के बाद पहुंचे हैं, इससे इनके शरीर में घाव बन गए हैं।
चिकित्सकों के अनुसार पैडरीज कीट के हमले से लोग चर्म रोगों के शिकार हुए हैं। मरीजों को प्राथमिक उपचार दिलाया जा रहा है। इसके अलावा मधुमक्खियों के काटने से भी 10 दिनों में 15 लोग घायल हुए हैं। गंभीर मरीजों को टांडा और मंडी अस्पतालों के लिए रेफर किया है। हालांकि कीटों की ओर से काटे गए मरीजों में किसी भी गंभीर बीमारी के लक्षण अभी तक नहीं पाए गए हैं। एहतियातन मरीजों को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को अस्पताल पहुंचे एक मासूम में कुत्ते के काटने की आशंका जाहिर कर उसे उपचार दिया गया, जबकि अस्पताल के वार्डों में मधुमक्खियों, रंगड़ों और सांप के काटने के कुछ मरीजों को भी उपचार दिलाने के लिए दाखिल करना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में लाल रंग के निशान कीटों के काटने के लक्षण है। ऐसे मरीजों को आवश्यक दवा और इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं। उधर, एसएमओ डाॅ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने के प्रयास जारी है।