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Mandi News: केंद्रीय विद्यालयों में नहीं हो पाया बजट का प्रावधान

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चौंतड़ा (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्रीय विद्यालयों और प्राथमिक स्कूलों में सालाना बजट न मिल पाने से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। प्रदेश के करीब एक लाख विद्यालयों समेत मंडी जिले के 1600 प्राथमिक स्कूलों में सालाना बजट न मिलने से शिक्षक पठन पाठन की सामग्री खरीदने को लेकर लाचार हो गए हैं।
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नए भवनों का निर्माण कार्य भी पूरा करना मुश्किल हो गया है। मंडी जिले के कुल 23 ब्लाॅकों में शामिल द्रंग एक, दो और चौंतड़ा ब्लॉक के 200 से अधिक प्राथमिक पाठशालाओं में बजट न मिल पाने से स्मार्ट कक्षाओं का संचालन प्रभावित होना शुरू हो गया है। शैक्षणिक भवनों के रंग रोगन करने तक के लाले पड़ गए हैं।
कंपोजिट ग्रांट भी न मिल पाने से नौनिहालों की पढ़ाई पर असर देखने को मिल रहा है। अव्यवस्था से अभिभावकों में भी रोष है। पीटीए संघ भी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे इस व्यवहार पर बिफर गया है। हर साल अक्तूबर तक प्राथमिक और केंद्रीय विद्यालयों को मिलने वाली सालाना अनुदान राशि दिसंबर में भी नहीं मिल पाई है। एसएमसी के माध्यम से भी स्कूल के खर्चों को उठाने को लेकर मजबूर हुए स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से समाधान को लेकर पत्राचार शुरू किया है।
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प्राथमिक पाठशालाओं को नए भवन के निर्माण के लिए 11 लाख तक बजट का प्रावधान है। स्मार्ट कक्षाओं के लिए भी 15 से 25 हजार रुपये का बजट केंद्र सरकार से मिलता है। प्राथमिक शिक्षा संघ चौंतड़ा ब्लॉक के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत बजट का प्रावधान न होने से स्मार्ट कक्षा के संचालन पर असर पड़ रहा है।

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समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक पाठशालाओं को बजट का प्रावधान न होने का मामला ध्यान में है। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से इस विषय पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है ताकि स्मार्ट कक्षाओं का संचालन और स्कूलों के चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्य प्रभावित न हों।
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-विजय गुप्ता, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मंडी
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