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Mandi News: सेब का सौदा करने बगीचों में पहुंचने लगे आढ़ती

Tue, 04 Jun 2024 06:50 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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गोहर (मंडी)। मंडी जिला में इस बार सेब की सौदेबाजी और व्यापारियों को एडवांस देने के लिए बाहरी राज्यों से आढ़तियों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। लोअर बेल्ट में उत्पादन कम है, लेकिन सेब खरीदार बगीचों का आकलन करने दौड़ गए हैं। जिला में रेड जून, टाइड मैन और समर क्वीन जल्दी तैयार हो जाता है। इसलिए आढ़ती सेब बगीचों में फलों की बोली को लेकर आकलन करने में जुट गए है।
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मंडी जिला के सेब उत्पादित क्षेत्रों में जून माह के मध्य सेब बगीचों के सौदे हो जाते हैं। मंडी जिला में इस बार सेब का निर्धारित उत्पादन लक्ष्य 60 हजार मीट्रिक टन है। जिसमे हवा तूफान और अन्य कारणों से करीब 40 फीसदी फसल तबाह हो गई है। जिला में एप्पल वैली करसोग, चुराग, चरखडी, निहरी, पंडार, कमांद, शकोहर, रोहांडा, थमाड़ी, कुटाहची, फ़ंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, सरोआ, शिल्हि बागी, बागाचनोगी, थाची और पंजाई में सेब का उत्पादन होता है।
बागवानों प्रेम ठाकुर, गुरदयाल सिंह, यशवंत, देवेंद्र, हेम सिंह, जीत कुमार, कर्म सिंह, देवी राम, तेज सिंह ठाकुर, भीम सिंह, रमेश ठाकुर, वीर सिंह और तपेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस बार बार फसल कम है, लेकिन फिर भी सेब आढ़ती एप्पल बेल्ट के दौरे पर निकल गए हैं। आढ़ती फसल का आकलन करने के बाद बगीचे में मौजूद फसल की सौदेबाजी करेंगे।
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बता दें कि मौसम की मार ने सेब फसल को प्रभावित किया गया है। बैमौसमी बारिश व बर्फबारी ने सेटिंग व फ्लावरिंग को प्रभावित किया है। ओलावृष्टि ने भी गुठलीदार फलों को पेड़ों से झाड़ दिया है। उधर, उद्यान विभाग मंडी के उपनिदेशक मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि इस बार मंडी जिला में सेब की कम फसल आंकी गई है।
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