तीनों आरोपियों ने अदालत में लगाई जमानत याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। गोहर तहसील में भूमि के इंतकाल के एवज में दो लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पटवारी, कानूनगो और एक सहायक के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए अब राजस्व विभाग से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही तीनों आरोपियों के वॉयस सैंपल भी लिए जाएंगे, ताकि शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा सके। तीनों आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका भी दायर कर दी है।
सरकाघाट व बल्ह के दो लोगों ने 6 बीघा भूमि मंडी के एक व्यक्ति को बेची थी। इस भूमि की रजिस्ट्री 25 फरवरी 2026 को दर्ज हुई। शिकायतकर्ता को रजिस्ट्री के बाद खरीदार के नाम भूमि का इंतकाल (म्यूटेशन) दर्ज कराने के लिए उसे मुख्तयारनामा दिया गया था। उसने आरोप लगाया है कि इंतकाल दर्ज कराने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित पटवारी को सौंप दिए गए थे, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बावजूद इंतकाल दर्ज नहीं किया गया।
शिकायत के अनुसार पहले पटवारी ने विभिन्न बहाने बनाकर मामले को टालता रहा। बाद में शिकायतकर्ता को कानूनगो के पास भेजा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कानूनगो ने भी इंतकाल दर्ज करने के लिए कथित रूप से पैसे देने की बात कही। बता दें कि इस मामले में सहायक को विजिलेंस से एक लाख रुपये रंगे हाथ पकड़ा था। जबकि पटवारी व कानूनगो को भी गिरफ्तार किया था। उधर, डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मामले में नियमानुसार जांच जारी है।