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इंतजार में परिजनों का टूटने लगा सब्र

Mon, 14 Sep 2015 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी/नैरचौक
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बिलासपुर जिला के टीहरा में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए निर्माणाधीन टनल के अंदर 48 घंटों से फंसे जिला मंडी के दो लोगों के परिजनों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को बालीचौकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत नलबागी के करेरी गांव के ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर फंसे लोगों को शीघ्र निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर मंगलवार सुबह तक फंसे लोगों को नहीं निकाला जाता तो हनोगी के पास नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा।
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फोरलेन के लिए बिलासपुर के टीहरा में बन रही टनल में मलबा गिरने से अंदर फंसे करेरी गांव के मणि राम (43)और दयारगी गांव निवासी ह्दय राम (53) के परिजनों का सब्र भी टूटने लगा है। भूखे, प्यासे पिछले 48 घंटों से मणि राम व ह्दय राम टनल के अंदर फंसे हुए हैं। मणि राम के पिता शुकरू राम और बेटा दिनेश कुमार गत रविवार से घटना स्थल पर ही डटे हुए हैं। वहीं मणि राम की पत्नी जय दासी और मां बोधी देवी का सब्र भी टूटा रहा है। चचेरे भाई नारायण सिंह ने बताया कि पिछले एक साल से भाई मणि राम फोरलेन में काम कर रहा है। रविवार सुबह करीब छह बजे उन्हें सूचना मिली कि मलबा गिरने से मणि राम टनल के अंदर फंस गया। एक माह पहले ही मणि राम ने घर आया था और उसका एक बेटा और एक बेटी है। जो बारहवीं में पढ़ते हैं।
नारायण सिंह का कहना है कि 48 घंटे हो गए हैं। अभी तक फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाला गया है। अंदर किस हालत में हैं इस बारे में कुछ पता नहीं है। भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं उनका भाई सुरक्षित बाहर निकल आए। सोमवार को शेष राम मंडयाल की अगुवाई में ग्रामीणों ने अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर बिलासपुर जिला प्रशासन व पुलिस से आग्रह किया कि शीघ्र ही फंसे लोगों को निकाला जाए।
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ग्रामीणों ने मंगलवार को हनोगी में एनएच पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। उधर दयारगी गांव में ह्दय राम पुत्र बंगाली राम के टनल के अंदर फंसे होने से पूरा परिवार चिंतित हैं। दयारगी पंचायत के प्रधान तुलसी देवी उप प्रधान श्याम लाल ने बताया कि ह्दय राम की दो पत्नी, छह बेटियां और दो बेटे हैं। पांच बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं एक बेटी और दो बेटे पढ़ाई कर रहे हैं। फोरलेन निर्माण कार्य में हेल्पर के पद नौकरी करने के लिए ह्दय राम शुक्रवार को ही घर से निकाला था। परिजनों को क्या पता था कि नौकरी मिलते ही ह्दय राम के साथ हादसा हो जाएगा। ह्दय राम के सुरक्षित लौटाने के लिए पत्नी कुबजा देवी व शशिकला और बच्चों भगवान से दुआएं मांग रहे हैं।
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