मंडी। मोटरसाइकिल क्षति के मुआवजे को लेकर दायर दावा याचिका को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण-द्वितीय मंडी (कैंप करसोग) ने खारिज कर दिया। अधिकरण ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी बाइक को हुए नुकसान और मरम्मत खर्च को ठोस साक्ष्यों से साबित नहीं कर पाया।
करसोग निवासी अजय भारती ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि 30 अक्तूबर 2018 को को-ऑपरेटिव बैंक करसोग के पास एक मारुति कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक को नुकसान पहुंचने पर उन्होंने दो लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। मामले में वाहन चालक सुरेंद्र कुमार और वाहन मालिक विद्या को पक्षकार बनाया गया था। अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता ने एक एफआईआर और मरम्मत से संबंधित बिल पेश किए। हालांकि, अधिकरण ने पाया कि जो बिल पेश किया गया वह दुर्घटना के करीब नौ महीने बाद 4 जुलाई 2019 का था। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाया कि मरम्मत दुर्घटना में हुए नुकसान के कारण ही करवाई गई थी। अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि वाहन को हुए नुकसान का तत्काल निरीक्षण, तकनीकी आकलन और मरम्मत से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए गए। ऐसे में नुकसान सिद्ध नहीं हो सका और मुआवजा देने का आधार नहीं बनता। इसके चलते मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण-द्वितीय मंडी, जिला मंडी (कैंप करसोग) ने फैसला सुनाते हुए दावा याचिका खारिज कर दी।