गोहर (मंडी)। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद उपमंडल गोहर में भी धन्नासेठों की जमकर परेड हो रही है। बड़े व्यापारी, विकसित किसान, बागवान और उद्योगपति पुरानी करंसी बदलने को लेकर खासी जद्दोजहद कर रहे हैं।
दर्जनों किसान बागवान भी अपनी जमा पूंजी को लेकर बैंक पहुंच रहे हैं। पिछले कई दशकों से क्षेत्र के किसानों और बागवानों ने अपनी जमा पूंजी को घर में दबाकर रखा है। जिसको बैंक में जमा करवाने के लिए बड़े किसानों और बागवानों के भी पसीने छूट रहे हैं। टैक्स से बचने के लिए क्षेत्र में अनेक लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी को घर में दबाकर रखा हुआ है। मोदी सरकार की ओर से 5 सौ और 1 हजार के नोट बंद करने के फरमान के बाद घर में जमा पूंजी दबाए बैठे लोगों की नींद हराम हो गई है। वहीं उपमंडल गोहर में ऐसे कई मंदिर हैं, जिनका चढ़ावा मंदिर कमेटी के पास है।
इसे कई वर्षों से बैंक में जमा न करवाना इन मंदिर कमेटियों के लिए गले की फांस बन गया है। दुकानदार भी उधारी की चपेट में फंस गए हैं। मजदूर वर्ग के लिए भी 5 सौ और 1 हजार के नोट परेशानी का सबब बने हुए हैं। पंजाब नेशनल बैंक चैलचौक में नई करंसी पहुंच गई है। शनिवार तक चैलचौक पीएनबी में 20 लाख के नए नोट पहुंच गए हैं। बासा, जाछ, स्यांज और बाढू समेत आसपास के क्षेत्रों में खुले पंजाब नेशनल बैंक में भी नई करंसी पहुंच गई है। चैलचौक व्यापार मंडल के प्रधान नरेंद्र शर्मा ने बताया कि मोदी सरकार का फैसला सही है मगर व्यवस्था सुचारु रूप से चलने में समय लग रहा है, जिससे लोग असमंजस में हैं।