भारत मां की जय के जयघोष और विनय कुमार अमर रहे के नारों से गूंजा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सैनिक विनय कुमार की असामयिक मौत ने परिवार के सदस्यों को ताउम्र न भरने वाले जख्म भी दिए हैं। बहन की डोली उठने से पहले आंगन से बड़े भाई की अर्थी उठी। विनय को अंतिम विदाई से पूर्व माता सरिता पिता रवि सिंह फूट-फूट कर रोए। विनय के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का बड़ा सहारा उनसे विदा हो गया है।
जनवरी 2025 में बहन अंजना की शादी की तैयारी परिजनों ने पूरी कर रखी थी, लेकिन इसी बीच बेटे विनय की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया है। बेटे ने नए मकान को भी तैयार कर दिया था। जहां पर परिवार के सदस्यों ने भी कुछ माह में शिफ्ट होना था, लेकिन अब सब बिखर गया है। पिता का सहारा बने विनय कुमार गरीबी से ऊपर उठने में मददगार बने ही थे कि अब उनकी असामयिक मौत हो गई। परिजनों की बेटी की शादी के बाद बेटे के सिर सेहरा बांधने की तमन्ना भी अधूरी ही रह गई।
करीब 45 दिन की छुट्टी काटने के बाद सैनिक विनय कुमार 10 सितंबर को घर से फिरोजपुर में ड्यूटी देने के लिए पहुंचा था। महज 20 दिन के बाद बेटे का शव घर के आंगन पहुंच गया। भाई को हमेशा के लिए विदा करने के बाद बहनें विनय की मौत की खबर पर यकीन नहीं कर पा रही हैं।
मंगलवार को पोहल गांव के सैनिक विनय कुमार को आखिरी विदाई देने के लिए कुठेहड़ा स्कूल के विद्यार्थियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दौरान भारत मां के जयघोष और विनय कुमार अमर रहे के नारों से इलाका गूंज उठा। पंचतत्व में विलीन हुए सैनिक विनय कुमार ने कुठेहड़ा स्कूल में अपनी 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की थी। सैनिक की असामयिक मौत से कुठेहड़ा स्कूल में भी मंगलवार को मातम पसरा रहा।