राहत : बिना किसी शुल्क एफएसएसए के तहत मोबाइल फूड व्यवसाय करने वाले करवा पाएंगे पंजीकरण
एफएसएसएआई ने दी बड़ी राहत, बिना पंजीकरण कारोबार करने पर हो सकती है कार्रवाई
डिजिटल पर न चलाएं...
राकेश राणा
मंडी। सूबे के बाजारों में रेहड़ी-फड़ी या मोबाइल फूड व्यवसाय करने वाले वेंडर को अब खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (एफएसएसए) के तहत पंजीकरण करवाने को बड़ी राहत मिली है। हॉकर्स श्रेणी को अब पंजीकरण के लिए कोई राशि का भुगतान नहीं करना होगा। इनका पंजीकरण निशुल्क होगा।
पूर्व में एक साल के लिए 100 रुपये और कुल पांच के पंजीकरण के एवज में 500 रुपये लिए जाते थे, लेकिन अब इस श्रेणी को इस शुल्क को लेकर छूट दे दी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने छूट को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। इस छूट से मोबाइल फूड व्यवसाय यानी स्ट्रीट फूड वेंडर (हॉकर्स) पंजीकरण करवाने की तरफ बढ़ेंगे। इससे ये सभी एक्ट के दायरे में आएंगे और विभाग के पास भी इनकी पूरी जानकारी रहेगी। इससे बाजार में उपभोक्ताओं को गुणवत्ता आधारित खाद्य सामग्री मिलेगी। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई भी हो पाएगी।
मौजूदा समय में भी इन्हें पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण करवाए खाद्य व्यवसाय करने पर एफएसएसए के तहत दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। कई बार पंजीकरण संबंधी शुल्क और अन्य भ्रांतियों के कारण भी मोबाइल फूड बिजनेस ऑपरेटर पंजीकरण करवाने से कतराते हैं। ऐसे में अब एफएसएसएआई ने शुल्क संबंधी छूट दे दी है। केवल हॉकर्स श्रेणी को ही यह छूट दी गई है, जबकि अन्य श्रेणी को पंजीकरण करवाने पर नियमानुसार 100 रुपये सालाना शुल्क देना होगा।
बता दें कि प्रदेश के छोटे-बड़े बाजारों में हजारों की संख्या में लोग मोबाइल फूड व्यवसाय (चलती फिरती रेहड़ी या चलता फिरता खाने पीने का स्टॉल) करते हैं। इस छूट से हजारों की संख्या में लोगों को पंजीकरण शुल्क को लेकर राहत मिलेगी।
एफएसएसएआई की तरफ से हाकर्स श्रेणी में पंजीकरण शुल्क छूट की सूचना मिली है। इस श्रेणी के तहत पात्र लोग अपना पंजीकरण बिना किसी शुल्क करवा सकते हैं। पंजीकरण लोक मित्र केंद्र में करवाया जा सकता है। बिना पंजीकरण कोई खाद्य व्यवसाय न करें। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
-एलडी ठाकुर, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग मंडी